गोपीगंज। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-प्रयागराज रामबाग खंड स्थित ज्ञानपुररोड स्टेशन पर पांच माह बाद आरक्षण काउंटर खुला, लेकिन तत्काल टिकट की लंबी वेटिंग लिस्ट ने यात्रियों को निराश कर वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। देर रात से टिकट के लिए लगी लंबी लाइन के बाद भी एक भी टिकट के न निकल पाने से रेल प्रशासन की व्यवस्था के खिलाफ यात्रियों में नाराजगी दिखी। उनका कहना था कि बिचौलिये हावी हैं और सुरक्षा तंत्र बेखबर बना है। रेल अधिकारियों ने कहा कि अब पूरी उम्मीद है कि काउंटर पूर्व की तरह खुलेगा और यात्रियों की समस्या का समाधान भी होने लगेगा। लाकडाउन के कारण रेल खंड के उक्त आरक्षण काउंटर को बंद कर रेल प्रशासन ने एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ-साथ प्रतिदिन चलने वाली तीन जोड़ी पैसेंजर गाड़ियों के संचालन पर भी पूर्णतया रोक लगा दी थी। सिर्फ आवश्यक माल ढुलाई और अनलाक के बाद से पवन एवं सिकंदराबाद-पटना एक्सप्रेस का संचमालन कराकर महामारी के गाइड लाइन का पालन कराते हुए संचालन कराया जा रहा वह भी आनलाइन टिकटों पर। अहमदाबाद, नईदिल्ली, मुंबई, सूरत, कोल्हापुर, सिकंदराबाद आदि स्थानों पर जाने के लिए टिकट की लाइन में लगे अनुज कुमार, रामबाबू, रामदुलार, पंकज सिंह, दिलावर खान, महमूद अली, कालिकानाथ आदि ने कहा कि जब वेटिंग लिस्ट ही होना था तो काउंटर को खोलने का कोई मतलब ही नहीं है। आनलाइन साधारण टिकट भी बिचौलियों की भेंट चढ़कर पांच से छह सौ रुपए अधिक लेकर दिया जा रहा है। रिजर्वेशन दर का खुला रेट तीन से पांच हजार रुपए दलाल वसूल रहे हैं। जबकि रेल प्रशासन अनलाक में चलाई जा रही ट्रेनों में सिर्फ कन्फर्म टिकटों पर ही यात्रा कराने का फरमान बेअसर ही साबित हा रहा है। बिचौलिएगिरी पर न तो रेलवे सुरक्षा बलों का कोई शिकंजा कस पा रहा है न विजिलेंस टीम का। लाकडाउन में रोजी-रोजगार छोड़कर आए प्रवासियों को अब आर्थिक तंगी इस लिए सता रही है कि यहां कोई रोजगार का सृजन नहीं है जब तक वह अपने स्थान पर नहीं पहुंचेंगे तब तक स्थिति संभाल पाना मुश्किल ही होगा। कार्यवाहक अधीक्षक एके वर्मा ने कहा कि एसी, थ्री टियर का पहला टिकट भी काउंटर खुलने पर वेटिंग में आ गया। काउंटर मंडलीय प्रशासन के निर्देश पर अब सोमवार से शनिवार तक सुबह 8 सायं 4 बजे तक, रविवार को 8 से दोपहर 2 बजे तक खुलेगा। बताया कि पूर्व के दिनों में आरक्षण के लिए यात्रियों को नाम, उम्र,मोबाइल नंबर लिखना पड़ता था लेकिन नई गाइड लाइन में अंतिम यात्रा करने वाले स्थानों का नाम, गांव, मोहल्ला, पिनकोड, राज्य, पोस्टआफिस, जनपद का नाम लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। इतनी प्रक्रिया पूर्ण करते समय वेटिंग लिस्ट होना आम बात है। प्रतिदिन काउंटर खुलते रहने से यात्रियों की समस्या का समाधान होता रहेगा।