महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय (एमएसडीयू) की कार्य परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा, शोध, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और छात्र हितों से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। कुलपति प्रो. संजीव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अतिथि शिक्षकों के कार्यकाल विस्तार, स्थायी शिक्षकों की भर्ती, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति, पीएचडी शुल्क में कमी तथा छात्र कल्याण से जुड़े नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। कार्य परिषद ने वर्तमान में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का कार्यकाल नियमित नियुक्तियां होने तक बढ़ाने का निर्णय लिया। साथ ही विश्वविद्यालय के रिक्त स्थायी पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करते हुए अगले एक माह के भीतर विज्ञापन जारी करने का फैसला किया गया। परिषद ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं मेरिट आधारित रखने पर जोर दिया। बैठक में विधि एवं इंजीनियरिंग संकाय के वित्तपोषित पाठ्यक्रमों, बीए-एलएलबी, एलएलएम तथा बीई (कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग) के लिए संविदा शिक्षकों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। आवश्यक गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति का मार्ग भी प्रशस्त हुआ। विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन, शोध सहयोग, प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चार नए पद सृजित किए जाएंगे, जिन पर 65 वर्ष तक के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं विशेषज्ञों की नियुक्ति होगी। उत्तर प्रदेश शासन की नई नीति के अनुरूप प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे उद्योग, कॉरपोरेट, न्यायिक और तकनीकी क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञ छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करेंगे।