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Bhadohi News: चार साल बाद सीएचसी पर लगी आरबीजी एक्सरे मशीन, निशुल्क होगा उपचार
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गोपीगंज सीएचसी पर लगी दांत की एक्सरे मशीन। संवाद
लालानगर। दांत में दर्द या सड़न, पानी लगने, गांठ की शिकायत लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज आने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है। यहां अब दांत का डिजिटल एक्सरे कराने के लिए रेडियोविजियोग्राफी (आरबीजी) मशीन लगाई गई है। अब मरीजों को महंगी जांच के लिए निजी क्लीनिक के चक्कर नहीं काटने पड़ेगा। जांच के 15 मिनट बाद मरीज को एक्सरे मिल जाएगी। यह मशीन शासन से उपलब्ध कराई गई है।
पहले दांत का एक्सरे कराने के लिए लोगों को निजी लैब का रुख करना पड़ता था। वहां जांच कराने पर 500 से 1000 रुपये खर्च होता है। जांच प्रक्रिया पूरी करने में दो से ढाई घंटे का वक्त लगता था, क्योंकि दांत के अंदर किसी बीमारी का पता लगाने के लिए चार से पांच एंगल से एक्सरे किया जाता है।
सीएचसी पर मशीन स्थापित होने से करीब एक से डेढ़ लाख आबादी को उपचार कराने में आसानी होगी। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे की सीएचसी है। यहां रोजाना 300 की ओपीडी होती है। इसमें 30 से 35 की ओपीडी दांत की होती है। जिन्हें जांच पड़ताल करके दवा दी जाती है।
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एक्सरे की जरूरत पड़ने पर मरीजों को बाहर का रुख करना पड़ता है। डिजिटल आरबीजी एक्सरे मशीन लग जाने से सहूलियत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से करीब चार साल से सीएचसी पर एक्सरे मशीन लगाने की मांग की शासन से किया गया था। एक्सरे मशीन पुणे की एक कंपनी द्वारा लगाया गया है। जिससे अब मरीजों को हड्डी में फंसे जटिल दांतों के इलाज में आसानी होगी।
दांत, जबड़े के होंगे उपचार
डेंटल स्वप्निल सिंह ने बताया कि एक्सरे मशीन की सुविधा उसे अब हड्डी में फंसे जटिल दांतों के उपचार होगा। जैसे सिस्ट, गांठों का इलाज होगा। इसके अलावा रूटकनाल ट्रीटमेंट, दांतों की जड़ से आई खराबी, फिलिंग्स, मसूड़ों की सफाई, पायरिया आदि का उपचार किया जाएगा।
डिजिटल आरबीजी एक्सरे मशीन हाल ही में आई थी, जिसे इंस्टॉल करा दिया गया है। मरीजों का उपचार किया जा रहा है, व्यवस्थाएं और बेहतर होगी। - डॉ. शुभांकर श्रीवास्तव, अधीक्षक, गोपीगंज।
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पहले दांत का एक्सरे कराने के लिए लोगों को निजी लैब का रुख करना पड़ता था। वहां जांच कराने पर 500 से 1000 रुपये खर्च होता है। जांच प्रक्रिया पूरी करने में दो से ढाई घंटे का वक्त लगता था, क्योंकि दांत के अंदर किसी बीमारी का पता लगाने के लिए चार से पांच एंगल से एक्सरे किया जाता है।
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सीएचसी पर मशीन स्थापित होने से करीब एक से डेढ़ लाख आबादी को उपचार कराने में आसानी होगी। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे की सीएचसी है। यहां रोजाना 300 की ओपीडी होती है। इसमें 30 से 35 की ओपीडी दांत की होती है। जिन्हें जांच पड़ताल करके दवा दी जाती है।
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एक्सरे की जरूरत पड़ने पर मरीजों को बाहर का रुख करना पड़ता है। डिजिटल आरबीजी एक्सरे मशीन लग जाने से सहूलियत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से करीब चार साल से सीएचसी पर एक्सरे मशीन लगाने की मांग की शासन से किया गया था। एक्सरे मशीन पुणे की एक कंपनी द्वारा लगाया गया है। जिससे अब मरीजों को हड्डी में फंसे जटिल दांतों के इलाज में आसानी होगी।
दांत, जबड़े के होंगे उपचार
डेंटल स्वप्निल सिंह ने बताया कि एक्सरे मशीन की सुविधा उसे अब हड्डी में फंसे जटिल दांतों के उपचार होगा। जैसे सिस्ट, गांठों का इलाज होगा। इसके अलावा रूटकनाल ट्रीटमेंट, दांतों की जड़ से आई खराबी, फिलिंग्स, मसूड़ों की सफाई, पायरिया आदि का उपचार किया जाएगा।
डिजिटल आरबीजी एक्सरे मशीन हाल ही में आई थी, जिसे इंस्टॉल करा दिया गया है। मरीजों का उपचार किया जा रहा है, व्यवस्थाएं और बेहतर होगी। - डॉ. शुभांकर श्रीवास्तव, अधीक्षक, गोपीगंज।