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बारिश के सीलन से कच्चा घर गिरा, सामान नष्ट
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मोढ़ के बरमोहनी गांव में बारिश से गिरा कच्चा मकान।
- फोटो : BHADOHI
औराई/मोढ़। एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश अब ग्रामीण अंचलों में आफत बनती जा रही है। कच्चे घर जहां सीलन के कारण गिर रहे हैं वहीं जल निकासी के अभाव में मार्गों पर एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया है। इससे आवागमन में भी काफी परेशानी हो रही है।
हाइवे पर सिक्सलेन निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था की उदासीनता अब आम आदमी के लिए मुसीबत बन गई है। औराई अंडरपास के नीचे जल निकासी की सुविधा न होने से पानी भर गया है। जिससे वहां से गुजरने वाले बाइक सवार लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। सिक्सलेन मे जगह-जगह ओवरब्रिज बनाए गए हैं, जिसमें चौराहों-तिराहों से होकर लिंक रोड पर जाने के लिए अंडर पास की व्यवस्था की गई है। आलम यह है कि अंडरपास के दोनों ओर सर्विस लेन तो ऊंचा कर दिया गया जबकि अंडरपास के नीचे की सड़क जस की तस बनी हुई है। अंडरपास में जगह-जगह बने गड्ढे और बिखरी गिट्टियां पानी में डूबी हुई हैं, जिससे बाइक सवार, साइकिल सवार और राहगीरों को यह ज्ञात नहीं हो पाता
कि किधर से निकलना है। इससे वे दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। अमर उजाला ने पखवारे भर पूर्व आगाह भी किया था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने ध्यान नहीं दिया। मोढ़ चौकी के बरमोहनी गांव में मूलचंद्र यादव का कच्चा मकान बारिश के सीलन से गिर गया। इससे घर में रखा हजारों का सामान नष्ट हो गया।
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हाइवे पर सिक्सलेन निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था की उदासीनता अब आम आदमी के लिए मुसीबत बन गई है। औराई अंडरपास के नीचे जल निकासी की सुविधा न होने से पानी भर गया है। जिससे वहां से गुजरने वाले बाइक सवार लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। सिक्सलेन मे जगह-जगह ओवरब्रिज बनाए गए हैं, जिसमें चौराहों-तिराहों से होकर लिंक रोड पर जाने के लिए अंडर पास की व्यवस्था की गई है। आलम यह है कि अंडरपास के दोनों ओर सर्विस लेन तो ऊंचा कर दिया गया जबकि अंडरपास के नीचे की सड़क जस की तस बनी हुई है। अंडरपास में जगह-जगह बने गड्ढे और बिखरी गिट्टियां पानी में डूबी हुई हैं, जिससे बाइक सवार, साइकिल सवार और राहगीरों को यह ज्ञात नहीं हो पाता
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कि किधर से निकलना है। इससे वे दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। अमर उजाला ने पखवारे भर पूर्व आगाह भी किया था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने ध्यान नहीं दिया। मोढ़ चौकी के बरमोहनी गांव में मूलचंद्र यादव का कच्चा मकान बारिश के सीलन से गिर गया। इससे घर में रखा हजारों का सामान नष्ट हो गया।
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