फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Rainfall decreased in Ashadh.

Bhadohi News: आषाढ़ में अब तक 115 मिमी हुई बारिश, औसत से 30.93 फीसदी कम

Mon, 27 Jul 2026 01:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:23 AM IST
विज्ञापन
Rainfall decreased in Ashadh.
रविवार को नगर में आसमान में रहे हल्के बादल रही धूप। संवाद
आषाढ़ का मानसून का सबसे अहम महीना माना जाता है। आषाढ़ में बारिश की आस टूटने लगी है। चार दिन बाद सावन शुरू हो जाएगा। पिछले साल 99.75 मिमी बारिश हुई थी, इस साल अब तक सिर्फ 115 मिमी ही बादल बरसे हैं। यह औसत से भी 30.93 फीसदी कम है। जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता के अनुसार जुलाई माह में औसत बारिश 166.5 मिमी का कोटा है। अबकी मानसून की एंट्री ही कमजोर रही। सूखा जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगी है।
विज्ञापन

पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी थी और हल्की फुहारों के बीच उमस व गर्मी बनी हुई थी। लेकिन जुलाई माह में अपेक्षाकृत कम बारिश होने से खेती किसानी पर संकट गहराने लगा है। धान का रकबा 80 हजार हेक्टेयर है। अब तक लगभग 70 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है। अच्छी बारिश के लिए मंदिरों में पूजन अर्चन शुरू हो गया है। वर्ष 2021 से वर्ष 2026 में सिर्फ वर्ष 2024 को छोड़कर पांच साल में औसत से कम बारिश हुई है। पांच साल में औसत से कम बारिश होने पर कृषि कार्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। विभाग के अनुसार वर्ष 2021 में 110.25मिमी, वर्ष 2022 में 101.25, वर्ष 2023 में 89.75 मिमी, वर्ष 2024 में 174.25 मिमी, वर्ष 2025 में 99.75 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी। जुलाई माह बीतने को है अब तक 115 मिमी बारिश हुई है, जो औसत से 30.93 मिमी प्रतिशत कम है। बारिश न होने से खेती पर विपरीत असर पड़ रहा है, जिन किसानों ने निजी संसाधनों से रोपाई करा रहे हैं, लेकिन सिंचाई के अभाव में धान की फसल मुरझा रही है।
विज्ञापन

----------------


किसान बोले : कम बारिश से प्रभावित हो रही फसल, शासन से मिले आर्थिक पैकेज
मऊ। धान की रोपाई के समय कम बारिश होने से किसान परेशान हैं। नहरों और माइनरों में टेल तक पानी न पहुंचने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। इस संबंध में किसान नेता देवप्रकाश राय, राकेश सिंह, शांतानंद राय, शिवकुमार यादव का कहना है कि शारदा खंड 32 किसानों के लिए अनुपयोगी साबित हो रही है। दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध माइनरों में टेल तक पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है। निजी संसाधनों से धान की रोपाई कराया तो गया है, लेकिन फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है। किसानों को आर्थिक पैकेज दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------------




60 ऑपरेटरों के भरोसे 402 नलकूप का संचालन:
मऊ। जिले में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिले में 402 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। प्रत्येक नलकूप पर एक-एक ऑपरेटर की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन विभाग की तरफ से 60 ऑपरेटर की ही तैनाती है। ऐसे में नलकूपों का रख रखाव जैसे-तैसे हो रहा है। आए दिन नलकूपों में मामूली खराबी से कई दिनों तक सिंचाई कार्य ठप हो जाता है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में बिजली अघोषित कटौती भी एक बड़ी वजह है।





वर्षवार आंकड़ा
---------------

वर्ष 2021 110.25मिमी


वर्ष 2022 101.25 मिमी


वर्ष 2023 89.75 मिमी

वर्ष 2024 174.25 मिमी


वर्ष 2025 99.75 मिमी

वर्ष 2026 में अब तक 115मिमी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed