चलती ट्रेन में सीआईबी का छापा: अवैध ढंग से गुटखा, समोसा और पानी बेचते 8 वेंडर पकड़े गए
सीआईबी उत्तर रेलवे ने शनिवार को भदोही के परसीपुर और वाराणसी के सेवापुरी स्टेशन के मध्य ट्रेनों में जांच की। इस दौरान अवैध तरीके से सामान बेच रहे आठ वेंडर पकड़े गए। इनका चालान कर दिया गया।
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सीआईबी उत्तर रेलवे ने शनिवार को भदोही के परसीपुर और वाराणसी के सेवापुरी स्टेशन के मध्य ट्रेनों में जांच की। इस दौरान अवैध तरीके से सामान बेच रहे आठ वेंडर पकड़े गए। इनका चालान कर दिया गया। सीआईबी रेलवे के एसआई आनंद सिंह ने बताया कि लखनऊ रेल मंडल प्रशासन को शिकायत मिली थी कि ट्रेनों में अवैध वेंडर सामान बेचते हैं।
इस आधार पर 24 सितंबर को ट्रेन नंबर 15018 की परसीपुर-सेवापुरी के बीच जांच की गई। इसमें रवि सोनकर, सोनू तिवारी, करन, महेंद्र मिश्र, सलमान खान, विनोद दुबे, ओमप्रकाश, कन्हैयालाल को अवैध ढंग से गुटखा, समोसा, पानी, मुरमुरा बेचते समय हिरासत में लिया गया। आरोपितों के पास न लाइसेंस मिला न कोई अन्य कागजात। जीआरपी थाना जंघई में अवैध वेंडरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर चालान कर दिया गया है।
कार्य क्षेत्र को लेकर मतभेद
रेल खंडों का दोहरीकरण और विद्युतीकरण होने के बाद से सुरक्षा एवं संरक्षा एजेंसियों की भी जिम्मेदारियां बढ़ रही है। रेल खंड पर लगभग 40 से 50 किमी दूरी वाले सेक्शनों का कार्य क्षेत्र कहीं आरपीएफ तो कहीं जीआरपी के पास होता है। सीआईबी लखनऊ की ओर से आठ अवैध वेंडरों के खिलाफ हुई चालान और जुर्माने की कार्रवाई को लेकर अब सुरक्षा कर्मियों में भी कार्य क्षेत्र को लेकर मतभेद होने लगा है।
आरपीएफ उप निरीक्षक जंघई अशोक कुमार सिंह ने कहा कि अवैध वेंडरों का मामला जीआरपी भदोही के कार्य क्षेत्र में है बावजूद इसके 40 किमी दूर आरपीएफ थाने में कार्रवाई कराना अतिरिक्त कार्य साबित हो रहा है।
जनसंपर्क अधिकारी उत्तर रेलवे विक्रम सिंह ने कहा कि मंडल टीम की आकस्मिक जांच रेलवे सुरक्षा के अधीन और टीम में शामिल अधिकारी आरपीएफ, जीआरपी का सहयोग ले सकती है।