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देवभाषा की अलख जगाने वाले प्रो. रामयत्न शुक्ल को मिलेगा पद्मश्री
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सीतामढ़ी। गंगा के पावन तट पर बसे कोनिया क्षेत्र के कलातुलसी निवासी संस्कृत के मूर्धन्य विद्वान, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के व्याकरण विशेषज्ञ, संकाय के पूर्व प्रमुख एवं काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष महामहोपाध्याय सेवानिवृत्त प्रो.रामयत्न शुक्ल को संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च सम्मान पद्म श्री के लिए चुना गया है। प्रोफेसर शुक्ल को मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पद्म श्री पुरस्कार से नवाजेंगे। इसकी जानकारी मिलते ही कालीन नगरी के लोग गदगद हैं।
उनके पुत्र पं. रामाश्रय शुक्ल ने बताया कि पिता जी प्रोफेसर रामयत्न शुक्ल नौ नवंबर को पद्मश्री से सम्मानित किए जाएंगे। पुरस्कार प्राप्त करने के लिए सोमवार को दिल्ली जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रोफ़ेसर श्री शुक्ल को प्रदेश की अखिलेश सरकार में विश्वभारती पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
मुख्य रूप से भदोही जनपद के कोनिया क्षेत्र के कलातुलसी गांव निवासी प्रो शुक्ल तमाम छात्रों को आजीवन संस्कृत की नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। पद्मश्री के लिए इनका चयन काफी पहले ही हो चुका था, लेकिन कोरोना काल के कारण पुरस्कार की तिथि को टाल दिया गया था। देश के सर्वोच्च सम्मान के लिए चुने जाने पर पूरे कोनिया क्षेत्र सहित काशी विद्वत परिषद के पदाधिकारियओं, संस्कृत जगत से जुड़े लोगों में हर्ष है। लोक अदालत इटावा के अध्यक्ष रामकृष्ण शुक्ल, भदोही के पूर्व सांसद पं.गोरखनाथ पांडेय, अधिवक्ता छोटेलाल शुक्ल आदि ने प्रसन्नता व्यक्त किया है।
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उनके पुत्र पं. रामाश्रय शुक्ल ने बताया कि पिता जी प्रोफेसर रामयत्न शुक्ल नौ नवंबर को पद्मश्री से सम्मानित किए जाएंगे। पुरस्कार प्राप्त करने के लिए सोमवार को दिल्ली जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रोफ़ेसर श्री शुक्ल को प्रदेश की अखिलेश सरकार में विश्वभारती पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
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मुख्य रूप से भदोही जनपद के कोनिया क्षेत्र के कलातुलसी गांव निवासी प्रो शुक्ल तमाम छात्रों को आजीवन संस्कृत की नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। पद्मश्री के लिए इनका चयन काफी पहले ही हो चुका था, लेकिन कोरोना काल के कारण पुरस्कार की तिथि को टाल दिया गया था। देश के सर्वोच्च सम्मान के लिए चुने जाने पर पूरे कोनिया क्षेत्र सहित काशी विद्वत परिषद के पदाधिकारियओं, संस्कृत जगत से जुड़े लोगों में हर्ष है। लोक अदालत इटावा के अध्यक्ष रामकृष्ण शुक्ल, भदोही के पूर्व सांसद पं.गोरखनाथ पांडेय, अधिवक्ता छोटेलाल शुक्ल आदि ने प्रसन्नता व्यक्त किया है।
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