दो जिलों का व्यापारिक केंद्र सुरियावां बारिश में जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है। चार दशक बाद भी समस्या जस की तस बनी है। जिसको लेकर व्यापारी आहत है। उनका कहना है कि नगर पंचायत, जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन भी इसको लेकर ध्यान नहीं दे रहा। जिससे उनका कारोबार प्रभावित होता है। जिले की उत्तर-पश्चिम सीमा पर स्थित सुरियावां बाजार से जौनपुर जिले के भी कई गांव जुड़े हैं। रामपुर, मड़ियाहूं जैसे बाजारों की दूरी अधिक होने से लोग खरीदारी के लिए यहीं आते हैं। इसके बाद भी सुरियावां नगर विकास को लेकर उपेक्षित है। बारिश के दिनों में स्थिति सबसे खराब हो जाती है। तीन दिनों की बारिश से कई मोहल्लों में जलजमाव हो गया है। नगर पंचायत सृजन के चार दशक हो गए, लेकिन पानी निकासी व्यवस्था का स्थायी हल नहीं निकल सका। लाखों खर्च के बाद भी अस्थाई व्यवस्था की गई है। जिसके कारण नगर में चारो तरफ जल जमाव, दुकानों में, रिहायसी मकानों में गंदा पानी जमा है। नामित सभासद कृष्ण कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि सुरियावां में अधिकतर समय तक एक ही परिवार का कब्जा रहा। एक ही ठेकेदार पर काम की जिम्मेदारी दी गई है। जिससे कमीशनखोरी के कारण विकास का पहिया रुक जाता है। बाईपास चौराहा ,कलिंजरा मार्ग पर 200 मीटर तक दो फीट पानी काफी समय से लगा है। मलेपुर बाईपास के पास दो एकड़ में घरों तक पानी लगा है। वार्ड चार शास्त्री नगर के संतोष वर्मा ने कहा कि शास्त्री नगर में न सड़क है न नाली है। हर तरफ कीचड़ ही कीचड़ है। नेहरू नगर के राजेश सोनी इंदिरा नगर और नेहरू नगर में जलजमाव की समस्या जटिल हो गई है। बस्ती के लोगों का रहना मुश्किल है। मंडल बीजेपी अध्यक्ष अजय मोदनवाल ने कहा कि शेखर आजाद नगर में हर तरफ समस्याओं का अंबार है। जब चुनाव आता है तो नई बाजार और पुरानी बाजार का नारा देकर पुरानी बाजार के प्रत्याशी को हरा दिया जाता है। जिससे नई बाजार का अध्यक्ष बनने पर विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता।