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450 हेक्टेयर में होगी आलू की खेती, अनुदान पर मिलेगा बीज
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ज्ञानपुर। जिले में कुल 450 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती कराने के लिए उद्यान विभाग तैयारी में है। शासन स्तर से कुफरी चिप्सोना और कुफरी ख्याति प्रजाति बीज का 50-50 क्विंटल आवंटन लक्ष्य भी निर्धारित कर 20 अक्तूबर के बाद से 1000 रुपये अनुदान पर बीज का वितरण भी शुरू हो जाएगा।
बीते वर्ष आलू खेती का लक्ष्य 400 हेक्टेयर था। इस वर्ष लक्ष्य 50 हेक्टेयर और बढ़ जाने से कयास लगाया जा रहा है कि आलू को लेकर होने वाली कमी नहीं होने पाएगी। बावजूद इसके प्रति वर्ष आलू को लेकर सियासी पारा गर्म ही रहता है। कारण यह है कि दाल के दामों में बेतहाशा वृद्घि होने पर हर वर्ग बारहों माह आलू का सेवन कर पेट भरता है और दुकानदार ग्राहकों की बढ़ती संख्या को देखकर प्रतिदिन दो से चार रुपये प्रति किलोग्राम भाव बढ़ाते रहते हैं। प्रकृति के बिगड़ते मिजाज, बाहा-नाला पर अतिक्रमण हो जाने से उपजाऊ खेतों का पानी नहीं निकल पाता है। इसी लिए किसान आलू की खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। फिर भी खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अनुदान पर बीज की उपलब्धता आकर्षित नहीं कर पाती। जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि अनुदान पर किसानों को देने के लिए आलू का बीज प्राप्त होने पर वितरण भी शुरू करा दिया जाएगा।
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बीते वर्ष आलू खेती का लक्ष्य 400 हेक्टेयर था। इस वर्ष लक्ष्य 50 हेक्टेयर और बढ़ जाने से कयास लगाया जा रहा है कि आलू को लेकर होने वाली कमी नहीं होने पाएगी। बावजूद इसके प्रति वर्ष आलू को लेकर सियासी पारा गर्म ही रहता है। कारण यह है कि दाल के दामों में बेतहाशा वृद्घि होने पर हर वर्ग बारहों माह आलू का सेवन कर पेट भरता है और दुकानदार ग्राहकों की बढ़ती संख्या को देखकर प्रतिदिन दो से चार रुपये प्रति किलोग्राम भाव बढ़ाते रहते हैं। प्रकृति के बिगड़ते मिजाज, बाहा-नाला पर अतिक्रमण हो जाने से उपजाऊ खेतों का पानी नहीं निकल पाता है। इसी लिए किसान आलू की खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। फिर भी खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अनुदान पर बीज की उपलब्धता आकर्षित नहीं कर पाती। जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि अनुदान पर किसानों को देने के लिए आलू का बीज प्राप्त होने पर वितरण भी शुरू करा दिया जाएगा।
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