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पूर्व विधायक के बेटे विष्णु मिश्रा से पांच घंटे पूछताछ करेगी पुलिस
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ज्ञानपुर। पूर्व विधायक विजय मिश्र के पुत्र विष्णु मिश्रा की पुलिस कस्टडी रिमांड न्यायालय ने स्वीकृत कर ली। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान विवेचक को शर्तों के साथ पूछताछ करने व घटनास्थल पर ले जाकर बरामदगी कराने का आदेश हुआ। पुलिस विष्णु को बृहस्पतिवार की सुबह कस्टडी में लेगी और पांच घंटे तक उससे पूछताछ कर सकती है। इस बीच जेल से बाहर निकलने और जेल में जाने से पहले तक पल-पल की रिकार्डिंग भी की जाएगी।
शस्त्र रखने और पुलिस के पहुंचने की सूचना पर छोड़कर भागने, कारतूस को कहीं जमीन में दबाने के मामले को लेकर पुलिस ने कस्टडी रिमांड के लिए न्यायालय से अनुरोध किया था। इस मामले में विष्णु पक्ष के अधिवक्ताओं ने पुलिस कस्टडी रिमांड पर बहस की। उधर, सरकारी अधिवक्ता ने भी बहस किया। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस कस्टडी रिमांड की स्वीकृति दी। अधिवक्ता के अनुसार, न्यायालय ने विवेचक को कई निर्देश दिए हैं। कहा है कि विष्णु मिश्रा को जेल से निकालने और जेल में दाखिल कराने से पहले चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाए। अधिवक्ता कुछ दूरी बनाकर उपस्थित रहेंगे। जेल से निकालने से लेकर दाखिल कराने तक एक-एक मिनट की वीडियो रिकार्डिंग करायी जाए। इस दौरान आरोपी पर किसी तरह का अनावश्यक बल का प्रयोग न किया जाए। रिमांड सुबह 10 बजे से तीन बजे तक रहेगी। यानी पांच घंटे में पुलिस को जो पूछताछ करना होगा वह कर लेना है। विष्णु मिश्रा के पक्ष से पैरवी अधिवक्ता हंसाराम शुक्ला, आनंद शुक्ला, स्वामीनाथ मिश्रा तथा अभियोजन अधिकारी विजय श्रीवास्तव ने सरकारी अधिवक्ता के तौर पर पक्ष रखा। अभियोजन अधिकारी मुकेश मिश्रा भी मौजूद रहे।
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शस्त्र रखने और पुलिस के पहुंचने की सूचना पर छोड़कर भागने, कारतूस को कहीं जमीन में दबाने के मामले को लेकर पुलिस ने कस्टडी रिमांड के लिए न्यायालय से अनुरोध किया था। इस मामले में विष्णु पक्ष के अधिवक्ताओं ने पुलिस कस्टडी रिमांड पर बहस की। उधर, सरकारी अधिवक्ता ने भी बहस किया। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस कस्टडी रिमांड की स्वीकृति दी। अधिवक्ता के अनुसार, न्यायालय ने विवेचक को कई निर्देश दिए हैं। कहा है कि विष्णु मिश्रा को जेल से निकालने और जेल में दाखिल कराने से पहले चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाए। अधिवक्ता कुछ दूरी बनाकर उपस्थित रहेंगे। जेल से निकालने से लेकर दाखिल कराने तक एक-एक मिनट की वीडियो रिकार्डिंग करायी जाए। इस दौरान आरोपी पर किसी तरह का अनावश्यक बल का प्रयोग न किया जाए। रिमांड सुबह 10 बजे से तीन बजे तक रहेगी। यानी पांच घंटे में पुलिस को जो पूछताछ करना होगा वह कर लेना है। विष्णु मिश्रा के पक्ष से पैरवी अधिवक्ता हंसाराम शुक्ला, आनंद शुक्ला, स्वामीनाथ मिश्रा तथा अभियोजन अधिकारी विजय श्रीवास्तव ने सरकारी अधिवक्ता के तौर पर पक्ष रखा। अभियोजन अधिकारी मुकेश मिश्रा भी मौजूद रहे।
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