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सरदार पटेल की जयंती और इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि
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भदोही। नगर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। साथ ही राष्ट्र के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती पर उन्हें नमन किया। मशाल रोड स्थित पार्टी के कैंप कार्यालय पर नेताओं ने कहा कि हमेशा राष्ट्र के लिए समर्पित दोनों नेताओं में गजब की इच्छाशक्ति थी। इसी कारण उन्हें लौह पुरुष और आयरन लेडी की उपाधि मिली।
पीसीसी मसूद आलम ने कहा कि स्व. गांधी की दृढ़ इच्छा शक्ति को पूरा देश वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान जंग के दौरान देख चुका है। उन्होंने अपने जीवन काल में भरी सभा में कह दिया था कि मैं अपने खून का एक-एक कतरा देश पर न्योछावर कर दूंगी। आगे चल कर ऐसा हुआ भी। आज उन्हें इस देश ही नहीं विश्व की महान नेताओं में गिनती होती है। जुटे लोगों ने लौह पुरुष के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी इच्छा शक्ति का बखान किया। कहा कि आज यदि वे होते तो राष्ट्र मजबूती की ओर अग्रसर होता। वे देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री बने।
आजादी के बाद देश की 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोने का श्रेय सरदार पटेल को जाता है। कार्यक्रम में मलिक कमर, वसीम अंसारी, काशीनाथ, नूरआलम, परवेज अहमद अंसारी, डा.निजामुद्दीन, करमचंद बिंद, स्वालेह अंसारी, अरशद मलिक, शफीक अहमद आदि उपस्थित रहे।
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पीसीसी मसूद आलम ने कहा कि स्व. गांधी की दृढ़ इच्छा शक्ति को पूरा देश वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान जंग के दौरान देख चुका है। उन्होंने अपने जीवन काल में भरी सभा में कह दिया था कि मैं अपने खून का एक-एक कतरा देश पर न्योछावर कर दूंगी। आगे चल कर ऐसा हुआ भी। आज उन्हें इस देश ही नहीं विश्व की महान नेताओं में गिनती होती है। जुटे लोगों ने लौह पुरुष के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी इच्छा शक्ति का बखान किया। कहा कि आज यदि वे होते तो राष्ट्र मजबूती की ओर अग्रसर होता। वे देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री बने।
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आजादी के बाद देश की 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोने का श्रेय सरदार पटेल को जाता है। कार्यक्रम में मलिक कमर, वसीम अंसारी, काशीनाथ, नूरआलम, परवेज अहमद अंसारी, डा.निजामुद्दीन, करमचंद बिंद, स्वालेह अंसारी, अरशद मलिक, शफीक अहमद आदि उपस्थित रहे।
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