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जल्दबाजी में जोखिम उठा रहे यात्री, हादसे का खतरा
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गोपीगंज। पूर्वोत्तर रेलवे के ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर यात्री जल्दबाजी में जोखिम उठाने में पीछे नहीं हैं। लूप लाइन में खड़ी मालगाड़ी के नीचे से आर-पार होते समय न यात्रियों को रेलवे पुलिस ही रोक पा रही है न स्टेशन पर तैनात कर्मचारी। जबकि दोहरीकरण और विद्युतीकरण के बाद से सिर्फ पैदल पुल का उपयोग कर एक-दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचने की चेतावनी बोर्ड भी लगे हैं।
सोमवार को अपराह्न में एक यात्री झोले में सामान लेकर पैदल पुल से न जाकर प्लेटफार्म नंबर एक से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए लूप लाइन में खड़ी मालगाड़ी को पार करने लगा। उसे देखकर कई लोगों के मुंह से निकल पड़ा ऐसे तो कभी भी हादसा हो सकता है।
मालगाड़ी के नीचे से आर-पार होने वाली यात्री को रोकने वाले अभयराज ने बताया कि माधोसिंह-रामबाग रेल रूट को हाई गेट में बदलते समय ही एक पैदल पुल स्टेशन के पश्चिमी छोर पर बना है। न दूसरा पैदल पुल बन सका है न बनने की उम्मीद दिख रही है। यही कारण है कि घटनाओं से अनभिज्ञ आम यात्री किसी भी समय हाथ में बैग, झोला, सूटकेस लेकर जल्दबाजी दिखाना शुरू कर देते हैं। यात्री मनोज कुमार ने कहा कि दोहरीकरण के बाद से उक्त रूट पर अनारक्षित, आरक्षित ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की संख्या बढ़ रही है। बावजूद इसके वाराणसी डिविजन के अधिकारी पूर्वी छोर पर बनने वाले पैदल का निर्माण कराने में तेजी नहीं दिखा रहे हैं। आने वाले समय में और परिवर्तन होने से इनकार नहीं किया जा सकता। यात्री हित में दूसरे पैदल पुल की जरूरत पूरी कर स्टेशन पर रेलवे पुलिस की निगरानी बढ़ाने की मांग की गई।
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सोमवार को अपराह्न में एक यात्री झोले में सामान लेकर पैदल पुल से न जाकर प्लेटफार्म नंबर एक से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए लूप लाइन में खड़ी मालगाड़ी को पार करने लगा। उसे देखकर कई लोगों के मुंह से निकल पड़ा ऐसे तो कभी भी हादसा हो सकता है।
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मालगाड़ी के नीचे से आर-पार होने वाली यात्री को रोकने वाले अभयराज ने बताया कि माधोसिंह-रामबाग रेल रूट को हाई गेट में बदलते समय ही एक पैदल पुल स्टेशन के पश्चिमी छोर पर बना है। न दूसरा पैदल पुल बन सका है न बनने की उम्मीद दिख रही है। यही कारण है कि घटनाओं से अनभिज्ञ आम यात्री किसी भी समय हाथ में बैग, झोला, सूटकेस लेकर जल्दबाजी दिखाना शुरू कर देते हैं। यात्री मनोज कुमार ने कहा कि दोहरीकरण के बाद से उक्त रूट पर अनारक्षित, आरक्षित ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की संख्या बढ़ रही है। बावजूद इसके वाराणसी डिविजन के अधिकारी पूर्वी छोर पर बनने वाले पैदल का निर्माण कराने में तेजी नहीं दिखा रहे हैं। आने वाले समय में और परिवर्तन होने से इनकार नहीं किया जा सकता। यात्री हित में दूसरे पैदल पुल की जरूरत पूरी कर स्टेशन पर रेलवे पुलिस की निगरानी बढ़ाने की मांग की गई।
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