ज्ञानपुर। सरकार इस प्रयास में हैं कि सुविधाएं जन जन तक पहुंच सकें। लेकिन यहां आलम कुछ और ही है, कालीन नगरी में बच्चों में बंटने वाला ओआरएस पाउडर का पैकेट हर गांव तक नहीं पहुंचा। आशा और एएनएम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई ऐसे गांव हैं जहां अप्रैल से अब तक ओआरएस पाउडर का एक भी पैकेट नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है है कि यदि ठीक से जांच हो जाए तो बड़ा मामला सामने आएगा। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने अब सर्वे कार्य शुरू दिया है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, जिस घर में 13 साल से कम उम्र के बच्चे हैं वहां पर ओआरएस का पैकेट देना अनिवार्य है। परिवार के अन्य सदस्य सीएचसी से जा कर ले सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग बच्चों को गर्मी और डायरिया से बचने के लिए डोर टू डोर ओआरएस वितरित करने का निर्देश दिया था। इसके लिए हर आंगनबाड़ी और आशा को ओरआरएस का पैकेट भी दिया गया था। लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के चलते गर्मी बीत गई और कई के घर ओआरएस का पैकेट पहुंचा ही नहीं। महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय और महाराजा बलवंत सिंह चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अप्रैल में एक लाख 45 हजार ओआरएस पाउडर दवा स्टोर रूम से भेजा गया था। अर्जुनपुर, हरिकरनपुर, अमिलहरा, मिश्राईनपुर, कस्तूरीपुर, गोपीपुर, देईपुर आदि गांवों मई में बटने वाला ओआरएस न बंटने की शिकायत ग्रामीणों ने की है।