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Bhadohi News: कालीन नगरी में वन विभाग के नाम आरक्षित जमीन शून्य
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ज्ञानपुर। जिले में बीते दो सालों से वनावरण क्षेत्र का सर्वे नहीं हो सका है। वन विभाग इस साल वनावरण क्षेत्र का सर्वे कराने की तैयारी में है। 2021 में हुए सर्वे का मुताबिक जिले का वनावरण परिक्षेत्र 0.50 स्क्वायर किमी से बढ़कर 3.71 स्क्वायर किमी तक पहुंचा है। हर दो साल पर फॉरेंसिक सर्वे टीम की ओर किए गए सर्वे के आधार पर जिले के वनावरण क्षेत्र का पता चलता है। खास बात यह है कि जिले में वन विभाग के नाम पर आरक्षित जमीन शून्य है।
जिले में सड़के के किनारे लगे पौधे, बगीचा सहित अन्य इलाके वनावरण के अंतर्गत आते हैं। वन विभाग के मुताबिक जिले में साल 2019 में वनावरण क्षेत्र 3.12 स्क्वायर किलोमीटर था, जो साल 2021 में 0.59 स्क्वायर किलो मीटर बढ़कर 3.71 स्क्वायर किलो मीटर हो गया। जिले में सबसे अधिक वनावरण क्षेत्र डीघ और औराई ब्लॉक में है। इसके अलावा अन्य ब्लॉकों में छिटपुट अंश में वनावरण क्षेत्र है। जिले में कहीं भी घने जंगल न होने के कारण वन विभाग के नाम पर आरक्षित जमीन नहीं है। डीएफओ नीरज आर्या ने बताया कि हर दो साल में वनावरण क्षेत्र का सर्वे होता है। 2021 के बाद सर्वे नहीं हो सका है। इस साल वनावरण का सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है। बताया कि 2021 में हुए सर्वे के मुताबिक जिले में 0.59 स्क्वायर किलो मीटर वनावरण क्षेत्र बढ़े हैं।
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जिले में सड़के के किनारे लगे पौधे, बगीचा सहित अन्य इलाके वनावरण के अंतर्गत आते हैं। वन विभाग के मुताबिक जिले में साल 2019 में वनावरण क्षेत्र 3.12 स्क्वायर किलोमीटर था, जो साल 2021 में 0.59 स्क्वायर किलो मीटर बढ़कर 3.71 स्क्वायर किलो मीटर हो गया। जिले में सबसे अधिक वनावरण क्षेत्र डीघ और औराई ब्लॉक में है। इसके अलावा अन्य ब्लॉकों में छिटपुट अंश में वनावरण क्षेत्र है। जिले में कहीं भी घने जंगल न होने के कारण वन विभाग के नाम पर आरक्षित जमीन नहीं है। डीएफओ नीरज आर्या ने बताया कि हर दो साल में वनावरण क्षेत्र का सर्वे होता है। 2021 के बाद सर्वे नहीं हो सका है। इस साल वनावरण का सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है। बताया कि 2021 में हुए सर्वे के मुताबिक जिले में 0.59 स्क्वायर किलो मीटर वनावरण क्षेत्र बढ़े हैं।
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