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जिले में नो इंट्री...सीमा पर रोके गए बाहरी यात्री
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सीमा पर सख्ती...जिले की सीमा को लॉक करने के बाद सोमवार को प्रयागराज से सटी भदोही जिले की ऊंज सीमा पर
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर/ऊंज (भदोही)। केंद्र सरकार के निर्देश पर सोमवार को दोपहर में पुलिस-प्रशासन ने जिले की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया। इसके साथ ही भदोही जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले वाले इक्का-दुक्का वाहनों को भी सीमा पर ही रोक दिया। यहां तक कि प्रदेश सरकार की ओर से श्रमिकों को घर तक पहुंचाने के लिए शुरू की गईं बसों को भी सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया गया। बाहर से आने वाले वाहनों में सवारी को अब जांच के बाद ही आगे जाने दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन 14 दिन तक उनके रुकने और खाने-पीने का प्रबंध करेगा।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर बाहर से आने वाले यात्रियों से संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका में केंद्र सरकार ने तत्काल सभी जिलों की सीमाएं सील कर बाहरी यात्रियों का बिना जांच प्रवेश न करने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। इसके बाद सोमवार को दोपहर में भदोही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गईं। प्रयागराज की तरफ से आने वाले वाहनों को भीटी में ही रोक दिया गया, जबकि बनारस की ओर से आने वाले वाहन बाबूसराय सीमा पर रोक दिए गए। इसी तरह जौनपुर और मिर्जापुर सीमा से सटे इलाकों में भी वाहनों को रोक दिया गया। अब प्रशासन बाहर से आने वाले यात्रियों को 14 दिन तक यहीं क्वारंटीन करेगा। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर उनके रुकने की व्यवस्था की गई है।
प्रयागराज-भदोही सीमा पर प्रयागराज जिले के भीटी में ही बैरियर लगाकर वाहनों को रोक दिया गया। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली सीमा पर जुटे हजारों की संख्या में दिहाड़ी मजदूरों को उनके घरों तक भेजने के लिए जो बसें चलाई हैं, उन्हें भी नहीं जानें दिया गया। बैरियर लगने के बाद कुछ वाहन कोइरौना के रास्ते, तो कुछ रोही बीरमपुर के रास्ते एक-एक कर निकलने लगे। उधर ऊंज थाने की पुलिस ने भी वाहनों को रोक दिया। केवल पैदल ही लोग जा पा रहे थे। पुलिस कप्तान रामबदन सिंह ने कहा कि सभी तरह के वाहनों को रोक दिया गया है। बाहर से आने वाले यात्रियों की मेडिकल जांच के बाद ही आगे जाने दिया जाएगा। उन्हें 14 दिनों तक यहां रुकना होगा। उनके रुकने और जांच आदि का प्रबंध किया जाएगा।
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हाईवे पर पैदल चले यात्री
ज्ञानपुर। जिले की सीमा सील होने के बाद तमाम यात्रियों को घर पहुंचने की चिंता सताने लगी। यही वजह थी कि तमाम यात्री पैदल ही हाईवे पर निकल पड़े। तड़कती धूप में कई किलोमीटर का सफर तय करने के लिए भी उनका साहस लोगों को चकित कर रहा था। यात्रियों का कहना था कि किसी न किसी तरह पहुंच ही जाएंगे। कुछ यात्रियों ने कहा कि पैदल चलने के कारण उनके पैरों में छाले पड़ गए हैं। लेकिन, क्या किया जाए, कोई रास्ता भी नहीं है।
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कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर बाहर से आने वाले यात्रियों से संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका में केंद्र सरकार ने तत्काल सभी जिलों की सीमाएं सील कर बाहरी यात्रियों का बिना जांच प्रवेश न करने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। इसके बाद सोमवार को दोपहर में भदोही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गईं। प्रयागराज की तरफ से आने वाले वाहनों को भीटी में ही रोक दिया गया, जबकि बनारस की ओर से आने वाले वाहन बाबूसराय सीमा पर रोक दिए गए। इसी तरह जौनपुर और मिर्जापुर सीमा से सटे इलाकों में भी वाहनों को रोक दिया गया। अब प्रशासन बाहर से आने वाले यात्रियों को 14 दिन तक यहीं क्वारंटीन करेगा। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर उनके रुकने की व्यवस्था की गई है।
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प्रयागराज-भदोही सीमा पर प्रयागराज जिले के भीटी में ही बैरियर लगाकर वाहनों को रोक दिया गया। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली सीमा पर जुटे हजारों की संख्या में दिहाड़ी मजदूरों को उनके घरों तक भेजने के लिए जो बसें चलाई हैं, उन्हें भी नहीं जानें दिया गया। बैरियर लगने के बाद कुछ वाहन कोइरौना के रास्ते, तो कुछ रोही बीरमपुर के रास्ते एक-एक कर निकलने लगे। उधर ऊंज थाने की पुलिस ने भी वाहनों को रोक दिया। केवल पैदल ही लोग जा पा रहे थे। पुलिस कप्तान रामबदन सिंह ने कहा कि सभी तरह के वाहनों को रोक दिया गया है। बाहर से आने वाले यात्रियों की मेडिकल जांच के बाद ही आगे जाने दिया जाएगा। उन्हें 14 दिनों तक यहां रुकना होगा। उनके रुकने और जांच आदि का प्रबंध किया जाएगा।
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हाईवे पर पैदल चले यात्री
ज्ञानपुर। जिले की सीमा सील होने के बाद तमाम यात्रियों को घर पहुंचने की चिंता सताने लगी। यही वजह थी कि तमाम यात्री पैदल ही हाईवे पर निकल पड़े। तड़कती धूप में कई किलोमीटर का सफर तय करने के लिए भी उनका साहस लोगों को चकित कर रहा था। यात्रियों का कहना था कि किसी न किसी तरह पहुंच ही जाएंगे। कुछ यात्रियों ने कहा कि पैदल चलने के कारण उनके पैरों में छाले पड़ गए हैं। लेकिन, क्या किया जाए, कोई रास्ता भी नहीं है।