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Bhadohi News: शुकुलपुर हत्याकांड में दोषी तीन सगे भाइयों समेत नौ दोषियों को आजीवन कारावास
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अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट लोकेश कुमार मिश्र की अदालत ने तीन साल बाद सोमवार को जिले के चर्चित शुकुलपुर हत्याकांड में दोषी तीन सगे भाइयों समेत नौ लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 32.5-32.5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के मुताबिक, नौ मई 2023 को रात 9 : 30 बजे सूर्य नारायण शुक्ला निवासी शुकुलपुर ने ज्ञानपुर कोतवाली में मामले की तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि चुनावी रंजिश में बेटे वेद प्रकाश (22)और भतीजे त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला ने गांव के सुरेश शुक्ला के सह और ललकारा। दोषी सत्यम शुक्ला, सुंदरम शुक्ला, सर्वेश शुक्ला, राहुल शुक्ला, रामेश्वर शुक्ला, आकाश शुक्ला, विंध्यवासिनी शुक्ला, जलनी शुक्ला और संतोष शुक्ला ने जान से मारने की नियत से उसे लाठी डंडे से पीट दिया। भतीजे त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला का सर फट गया था। बेटा वेदप्रकाश शुक्ला भी गंभीर रुप से घायल हो गया था। परिवार के लोग बेटे और भतीजे को लेकर जिला अस्पताल गए। जहां पर डॉक्टरों ने ट्राॅमा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया। इलाज के दौरान भतीजे त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में हत्या समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। पुलिस ने मामले में आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने नौ लोगों को घटना में दोषी पाया। इसमें तीन सगे भाई विंध्यवासिनी शुक्ला, जलनी शुक्ला, संतोष शुक्ला शामिल है। इसके अलावा उनके परिवार के ही सुरेश शुक्ला, शैलेंद्र उर्फ सत्यम शुक्ला, धर्मेंद्र उर्फ सुंदरम शुक्ला, सर्वेश शुक्ला, विकास उर्फ राहुल शुक्ला और आकाश शुक्ला निवासी शुकुलपुर हरिहरपुर को सजा हुई है।
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अभियोजन के मुताबिक, नौ मई 2023 को रात 9 : 30 बजे सूर्य नारायण शुक्ला निवासी शुकुलपुर ने ज्ञानपुर कोतवाली में मामले की तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि चुनावी रंजिश में बेटे वेद प्रकाश (22)और भतीजे त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला ने गांव के सुरेश शुक्ला के सह और ललकारा। दोषी सत्यम शुक्ला, सुंदरम शुक्ला, सर्वेश शुक्ला, राहुल शुक्ला, रामेश्वर शुक्ला, आकाश शुक्ला, विंध्यवासिनी शुक्ला, जलनी शुक्ला और संतोष शुक्ला ने जान से मारने की नियत से उसे लाठी डंडे से पीट दिया। भतीजे त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला का सर फट गया था। बेटा वेदप्रकाश शुक्ला भी गंभीर रुप से घायल हो गया था। परिवार के लोग बेटे और भतीजे को लेकर जिला अस्पताल गए। जहां पर डॉक्टरों ने ट्राॅमा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया। इलाज के दौरान भतीजे त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में हत्या समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। पुलिस ने मामले में आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने नौ लोगों को घटना में दोषी पाया। इसमें तीन सगे भाई विंध्यवासिनी शुक्ला, जलनी शुक्ला, संतोष शुक्ला शामिल है। इसके अलावा उनके परिवार के ही सुरेश शुक्ला, शैलेंद्र उर्फ सत्यम शुक्ला, धर्मेंद्र उर्फ सुंदरम शुक्ला, सर्वेश शुक्ला, विकास उर्फ राहुल शुक्ला और आकाश शुक्ला निवासी शुकुलपुर हरिहरपुर को सजा हुई है।
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