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कोरोना गाइड लाइन के प्रति लापरवाही, कही पड़ न जाए भारी
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ज्ञानपुर (भदोही)। देश के प्रमुुख महानगरों व शहरों में कोरोना वायरस ने एक बार फिर से पाव पसारना शुरू कर दिया है। कोरोना के दोबारा से रफ्तार पकड़ने पर जहां महानगरों व बड़े शहरों में लोगों को मास्क व सेनिटाइज का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है । वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल और तहसील में स्थित राजस्व कार्यालयों में कर्मचारी और वादकारी कोरोना को लेकर अपने आप को बिल्कुल सुरक्षित मानते हुए निश्चिंत दिखाई दे रहें है ।
दरअसल केरल, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों में कोविड-19 के मामले में बढ़ोत्तरी होने के बाद भले ही प्रदेश सरकार अर्लट जारी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर जिले के लोगों मेँ इसका कोई असर नहीं दिख रहां है। कोरोना से बचाव के लिए शासन की ओर से जारी हुई गाइड लाइन के प्रति लोग बेहद लापरवाही बरत रहें है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने महाराजा चेत सिंह जिला अस्पतालों और जिले की तहसील में स्थित कार्यालयों का जायजा लिए तो अधिकतर कर्मचारी और वादकारी कोरोना गाइड लाइन को नजर अंदाज करते ही दिखे। जिले में अबतक कुल 2250 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि इनमें से ज्यादातर मरीज स्वस्थ्य हो गए थे। वहीं इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग अभी भी कोराना गाइडलाइन का पालन करने में आनाकानी कर रहें हैं ।
सीन एक
स्थान - जिला अस्पताल
मौसम में बदलाव के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। लेकिन वहां कोविड गाइडलाइन को लेकर कोई इंतजाम नहीं हैं। ओपीडी में शारीरिक दूरी और मरीजों व तीमारदारों के चेहरों से मास्क गायब हैं। दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल में जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो यहां की तस्वीर बिल्कुल अलग देखने को मिली । यहां पर ओपीडी में दिखाने के लिए मरीजों की लंबी लाईन लगी रहीं, लेकिन इसमें से ज्यादातर लोगों ने न तो चेहरे पर मास्क लगाया था और नहीं लाईन सोशल डिस्टेंशिंग का पालन कर रहें है । ऐसे में जाने अनजाने में ये लोग कोरोना महामारी को बढ़ावा देने में योगदान कर रहें थे । इसके अलावा जिला अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज या फिर उनके परिजनों की सेनिटाईजिंग भी नहीं की जा रहीं थी ।
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सीन दो
स्थान - तहसील ज्ञानपुर में स्थित राजस्व कार्यालय
दोपहर 12.15 बजे जिलापुर्ति विभाग के कार्यलय में जब टीम पहुंची तो यहां भी वहीं नजारा देखने को मिला न तो किसी कर्मचारी के टेबल पर सैनिटाइजेशन दिखा न ही मुंह पर मॉस्क ही दिखा। इसी क्रम में 12.20 बजे तहसील ज्ञानपुर में स्थित खतौनी कक्ष और संग्रह कार्यालय में जब टीम पहुंची तो यहां कर्मचारी बिना मास्क के काम करते दिखाई दिए। यही हाल वादकारियों की भी रही किसी के मुंह पर न तो मास्क लगा दिखा न ही शारीरिक दूरी रही । इसके अलावा कर्मचारी भी ज्यादातर बिना मास्क के कार्य कर रहे थे सोशल डिस्टेंशिंग का कहीं पर भी बिल्कुल पालन होता नहीं दिखाई पड़ा ।
अभी कोराना मुक्त नहीं हुुआ है जिला
कालीन नगरी अभी भी कोराना के कहर से मुक्त नहीं हो पाई है लेकिन यहां के ज्यादातर लोग कोरोना गाईडलाईन के प्रति बहुत ज्यादा लापरवाही बरत रहें है । बता दें कि जनवरी में 32, फरवरी में 15 और मार्च में सात कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद भी लोग अपने घरों से बाहर बिना मास्क के निकल रहें है और बाजारों व दफ्तरों में सोशल डिस्टेंशिंग का पालन भी नहीं कर रहें हैं। अब सबसे बड़ा सवाल है कि जिले में कोरोना के सात नए एक्टिव केस होने के दौरान भी लोगों की मास्क व सोशल डिस्टेंशिंग के पालन में की जा रहीं लापरवाही कहीं न कहीं जिले में कोरोना का फिर से आमंत्रण तो नहीं दे रहीं है ।
इस मामले में सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग और प्रशासन प्रयास कर रहा है लोगों को खुद भी जागरूक होना चाहिए। कोरोना संक्रमण के मामले कम जरूर हुए है लेकिन खतरा अब भी बना हुआ है। सर्वजनिक स्थानों पर लोग मॉस्क और शारीरिक दूरी के पालन का गंभीरतापूर्वक ध्यान नहीं दे रहे है जिससे कोरोना संक्रमण के फिर से बढ़ने की मुसिबत खड़ी हो सकती है। लोगों को चेहरे पर मास्क व भीड़भाड़ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए।
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दरअसल केरल, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों में कोविड-19 के मामले में बढ़ोत्तरी होने के बाद भले ही प्रदेश सरकार अर्लट जारी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर जिले के लोगों मेँ इसका कोई असर नहीं दिख रहां है। कोरोना से बचाव के लिए शासन की ओर से जारी हुई गाइड लाइन के प्रति लोग बेहद लापरवाही बरत रहें है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने महाराजा चेत सिंह जिला अस्पतालों और जिले की तहसील में स्थित कार्यालयों का जायजा लिए तो अधिकतर कर्मचारी और वादकारी कोरोना गाइड लाइन को नजर अंदाज करते ही दिखे। जिले में अबतक कुल 2250 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि इनमें से ज्यादातर मरीज स्वस्थ्य हो गए थे। वहीं इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग अभी भी कोराना गाइडलाइन का पालन करने में आनाकानी कर रहें हैं ।
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सीन एक
स्थान - जिला अस्पताल
मौसम में बदलाव के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। लेकिन वहां कोविड गाइडलाइन को लेकर कोई इंतजाम नहीं हैं। ओपीडी में शारीरिक दूरी और मरीजों व तीमारदारों के चेहरों से मास्क गायब हैं। दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल में जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो यहां की तस्वीर बिल्कुल अलग देखने को मिली । यहां पर ओपीडी में दिखाने के लिए मरीजों की लंबी लाईन लगी रहीं, लेकिन इसमें से ज्यादातर लोगों ने न तो चेहरे पर मास्क लगाया था और नहीं लाईन सोशल डिस्टेंशिंग का पालन कर रहें है । ऐसे में जाने अनजाने में ये लोग कोरोना महामारी को बढ़ावा देने में योगदान कर रहें थे । इसके अलावा जिला अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज या फिर उनके परिजनों की सेनिटाईजिंग भी नहीं की जा रहीं थी ।
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सीन दो
स्थान - तहसील ज्ञानपुर में स्थित राजस्व कार्यालय
दोपहर 12.15 बजे जिलापुर्ति विभाग के कार्यलय में जब टीम पहुंची तो यहां भी वहीं नजारा देखने को मिला न तो किसी कर्मचारी के टेबल पर सैनिटाइजेशन दिखा न ही मुंह पर मॉस्क ही दिखा। इसी क्रम में 12.20 बजे तहसील ज्ञानपुर में स्थित खतौनी कक्ष और संग्रह कार्यालय में जब टीम पहुंची तो यहां कर्मचारी बिना मास्क के काम करते दिखाई दिए। यही हाल वादकारियों की भी रही किसी के मुंह पर न तो मास्क लगा दिखा न ही शारीरिक दूरी रही । इसके अलावा कर्मचारी भी ज्यादातर बिना मास्क के कार्य कर रहे थे सोशल डिस्टेंशिंग का कहीं पर भी बिल्कुल पालन होता नहीं दिखाई पड़ा ।
अभी कोराना मुक्त नहीं हुुआ है जिला
कालीन नगरी अभी भी कोराना के कहर से मुक्त नहीं हो पाई है लेकिन यहां के ज्यादातर लोग कोरोना गाईडलाईन के प्रति बहुत ज्यादा लापरवाही बरत रहें है । बता दें कि जनवरी में 32, फरवरी में 15 और मार्च में सात कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद भी लोग अपने घरों से बाहर बिना मास्क के निकल रहें है और बाजारों व दफ्तरों में सोशल डिस्टेंशिंग का पालन भी नहीं कर रहें हैं। अब सबसे बड़ा सवाल है कि जिले में कोरोना के सात नए एक्टिव केस होने के दौरान भी लोगों की मास्क व सोशल डिस्टेंशिंग के पालन में की जा रहीं लापरवाही कहीं न कहीं जिले में कोरोना का फिर से आमंत्रण तो नहीं दे रहीं है ।
इस मामले में सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग और प्रशासन प्रयास कर रहा है लोगों को खुद भी जागरूक होना चाहिए। कोरोना संक्रमण के मामले कम जरूर हुए है लेकिन खतरा अब भी बना हुआ है। सर्वजनिक स्थानों पर लोग मॉस्क और शारीरिक दूरी के पालन का गंभीरतापूर्वक ध्यान नहीं दे रहे है जिससे कोरोना संक्रमण के फिर से बढ़ने की मुसिबत खड़ी हो सकती है। लोगों को चेहरे पर मास्क व भीड़भाड़ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए।