ज्ञानपुर/गोपीगंज। लगभग एक वर्ष विलंब से पूर्ण हुए ज्ञानपुर-हंडिया दोहरीकरण कार्य का मोटर ट्राली से निरीक्षण कर संरक्षा आयुक्त पूर्वी जोन मोहम्मद लतीफ खान ने बृहस्पतिवार को अपने विशेष सैलून को 120 की गति से चलवाकर स्पीड का ट्रायल किया। संरक्षा आयुक्त के साथ उपस्थित रेल मंडल वाराणसी और कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम के कर्मचारियों को हिदायत दिया कि रेल संरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी-रामबाग रूट पर ज्ञानपुर रोड से हंडिया स्टेशन तक का दोहरीकरण-विद्युतीकरण कार्य तीसरे चरण में शामिल था। कार्य को पूरा करने का समय दिसंबर 2021 में निर्धारित होने के बावजूद कार्य अपने समय पर पूरा नहीं हो सका। निर्माण कार्य की समयसीमा बढ़ने पर कार्यदायी संस्था ने उतार-चढ़ाव करते हुए बुधवार तक कार्य पूरा कर सकी। बीते माह से संरक्षा आयुक्त के आगमन को लेकर मंडलीय प्रशासन दिन-रात एक कर निरीक्षण के समय किसी तरह की कमी सामने न आने देने के लिए मेहनत की। जनसंपर्क अधिकारी वाराणसी अशोक कुमार ने बताया कि संरक्षा आयुक्त सुबह लगभग नौ बजे हंडिया पहुंचे थे। 10 बजे से शुरू हुआ निरीक्षण कार्य अपराह्न चार बजे तक चला। इस दौरान आयुक्त ने क्रासिंग, प्वाइंट, सिग्नल, कंक्रीट स्लीपर, हाईगेट ट्रैक, आईबीएस तकनीक, स्टेशन, हाल्ट और आईबीएस स्थलों को क्रमवार परखा। सायं लगभग पांच बजे से आयुक्त का सैलून स्पीड ट्रायल में सफल हो सका। 25 फरवरी से अप-डाउन के रूप में निर्धारित ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। निरीक्षण के समय डीआरएम वाराणसी, रामश्रय पांडेय, राजीव कुमार, विकास चंद्रा समेत विभागीय अधिकारी शामिल रहे।