ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में डीबीटी स्टार कॉलेज स्कीम के तहत वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को औषधीय पौधों की प्रदर्शनी लगाई गई। संयोजक गण डॉ. सौम्या मिश्रा और डॉ. रविंद्र कुमार पांडेय ने कैंपस में उपलब्ध ऐसे पौधों की जानकारी दी। जिनका औषधीय लाभ तो है, लेकिन वह प्रचलित नहीं है।
मुख्य वक्ता डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने पौधों के औषधीय गुण और उनके रसायन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैसे यहां पर सुश्रुत और चरक जैसे आयुर्वेदाचार्य थे, वैसे ही सुमेरियन सभ्यता में हकीम लुकमान थे। हकीम लुकमान ने बताया कि इमली के पौधे के नकारात्मक प्रभाव को नीम का पौधा कैसे दूर करता है। बताया कि राउवोल्फिया सरपेंटाइना जैसे औषधि पौधों के संरक्षण की बहुत आवश्यकता है, क्योंकि ये प्रजातियां निकट भविष्य में विलुप्त हो सकती हैं। बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने स्टॉल पर सहजन, सर्पगंधा, मदार, बोरविया, अफीम, धतूरा, आंवला, बेल जैसे पौधों को प्रदर्शित किया। इसके पूर्व उद्घाटन प्राचार्य डॉ. पीएन डोंगरे और पूर्व प्राचार्य बलरामपुर डॉ. कमाल अहमद सिद्दिकी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस मौके पर डॉ. रवि कुमार यादव, डॉ. शेफाली सिंह, डॉ. रश्मि सिंह आदि मौजूद रहीं।