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Bhadohi News: नाबालिग से दुष्कर्म के दो साल पुराने मामले में दोषी को 20 साल की सजा
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो दुर्गेश की अदालत ने बृहस्पतिवार को नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल सश्रम कारावास और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।
दो साल पुराने मामले में कोर्ट ने निर्णय सुनाया है। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को छह महीने अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।
अभियोजन के मुताबिक 23 मई 2024 को पीड़िता के पिता ने ऊंज थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि उसकी 16 साल की बेटी भोर में घर से गायब हो गई।
रिश्तेदारी और करीबियों के यहां खोजबीन किया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। करीब छह महीने बाद नाबालिग घर आई और आपबीती बताई। उसने बताया कि शाहिल हाशमी निवासी शुकुलपुर गिर्दकोट बरौत हंडिया प्रयागराज उसे दूसरे प्रांत ले गया था।
उसके बाद छह महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। कोर्ट में 10 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए।
जिसमें विवेचना अधिकारी, मेडिकल परीक्षण करने वाले, मां और पिता के बयान और पीड़िता का मजिस्ट्रेटी बयान आदि रहा। साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने शाहिल हाशमी को दोषी पाया।
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दो साल पुराने मामले में कोर्ट ने निर्णय सुनाया है। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को छह महीने अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।
अभियोजन के मुताबिक 23 मई 2024 को पीड़िता के पिता ने ऊंज थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि उसकी 16 साल की बेटी भोर में घर से गायब हो गई।
रिश्तेदारी और करीबियों के यहां खोजबीन किया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। करीब छह महीने बाद नाबालिग घर आई और आपबीती बताई। उसने बताया कि शाहिल हाशमी निवासी शुकुलपुर गिर्दकोट बरौत हंडिया प्रयागराज उसे दूसरे प्रांत ले गया था।
उसके बाद छह महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। कोर्ट में 10 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए।
जिसमें विवेचना अधिकारी, मेडिकल परीक्षण करने वाले, मां और पिता के बयान और पीड़िता का मजिस्ट्रेटी बयान आदि रहा। साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने शाहिल हाशमी को दोषी पाया।
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