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सूची में गड़बड़ी पर लामबंद हुए ग्रामीण
bhadohi hindi news
Updated Wed, 22 Jun 2016 01:43 AM IST
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पात्र गृहस्थी राशन कार्ड की सूची में अपात्रों के नाम शामिल करने के खिलाफ डीघ विकास खंड के सागररायपुर (सीखापुर) के ग्रामीणों ने मंगलवार को मुख्यालय पहुंचकर विरोध जताया। प्रदर्शन की शक्ल में लामबंद हुए ग्रामीणों ने प्रशासन को पत्रक सौंपकर मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की। आरोप लगाया कि गांव में प्रधान, सेक्रेटरी और कोटेदार की मिलीभगत से नौकरीपेशा, पेंशनभोगी और जमींदारों को भी गरीबों के अनाज का पात्र बना दिया गया है।
दर्जनों की तादाद में जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने पात्र गृहस्थी राशन कार्ड की सूची को लेकर विरोध जताया। कहा कि गांव में बिना खुली बैठक कराए ही अपात्रों को पात्र गृहस्थी के काबिल बना दिया गया। जब पात्र लोग अनाज के लिए कोटे की दूकान पर गए तो वहां पर सूची में उनके नाम ही नदारद रहे। बताया कि गांव में पात्रता सूची में अनियमितता इस कदर की गई कि आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को भी पात्र बना दिया गया। इससे गांव के गरीबों, दलितों और अन्य पात्र लोगों की समस्या बढ़ गई है। वे शासन की लाभार्थीपरक योजना से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि गांव में सक्षम अधिकारी के समक्ष शीघ्र खुली बैठक कराकर पात्रों को सूची में शामिल किया जाए और अपात्रों को बाहर का रास्ता दिखाया जाए। इसके अलावा ऐसा कृत्य करने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। इस मौके पर राजकुमार बिंद, अर्जुन बिंद, रामजीत केवट, रामचंद्र केवट, गुलाबधर बिंद, लल्लन प्रसाद, सुखराज बिंद, मुन्ना, भोलानाथ, सूर्यमणि, सुभाषचंद, फूलचंद, रमेशचंद्र, राकेश, पंकज, नीरज बिंद, मोतीलाल आदि मौजूद रहे।
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दर्जनों की तादाद में जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने पात्र गृहस्थी राशन कार्ड की सूची को लेकर विरोध जताया। कहा कि गांव में बिना खुली बैठक कराए ही अपात्रों को पात्र गृहस्थी के काबिल बना दिया गया। जब पात्र लोग अनाज के लिए कोटे की दूकान पर गए तो वहां पर सूची में उनके नाम ही नदारद रहे। बताया कि गांव में पात्रता सूची में अनियमितता इस कदर की गई कि आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को भी पात्र बना दिया गया। इससे गांव के गरीबों, दलितों और अन्य पात्र लोगों की समस्या बढ़ गई है। वे शासन की लाभार्थीपरक योजना से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि गांव में सक्षम अधिकारी के समक्ष शीघ्र खुली बैठक कराकर पात्रों को सूची में शामिल किया जाए और अपात्रों को बाहर का रास्ता दिखाया जाए। इसके अलावा ऐसा कृत्य करने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। इस मौके पर राजकुमार बिंद, अर्जुन बिंद, रामजीत केवट, रामचंद्र केवट, गुलाबधर बिंद, लल्लन प्रसाद, सुखराज बिंद, मुन्ना, भोलानाथ, सूर्यमणि, सुभाषचंद, फूलचंद, रमेशचंद्र, राकेश, पंकज, नीरज बिंद, मोतीलाल आदि मौजूद रहे।
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