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दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास
bhadohi news
Updated Thu, 29 Jun 2017 01:11 AM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दहेज हत्या में दोषी पाए गए पति को आजीवन कारावास और सास-ससुर को 10-10 साल कारावास की सजा सुनाई है। घटना औराई थानाक्षेत्र के सारीपुर गांव की है। औराई थाने की पुलिस ने इस मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर विवेचना की थी।
घटना के मुताबिक, खमरिया के पकड़ीतर निवासी शिवचंद विश्वकर्मा ने आरोप लगाया था कि उसने अपनी लड़की किरन देेवी का विवाह सारीपुर ग्राम निवासी सुनील विश्चकर्मा के साथ दो साल पूर्व किया था। किरन जब ससुराल गई तो वहां पति, सास और ससुर दहेज में एक बाइक, एक लाख रुपये नकद की मांग करने लगे। मेरी लड़की ने मुझे कई बार बताया था और मैंने जाकर ससुराल वालों को समझाया भी था, लेकिन वे नहीं माने और दहेज के लिए मेरी पुत्री को मारते-पीटते रहे। 24 मई 2016 को ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मृतका के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर विवेचना की। इसके बाद दहेज हत्या और अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। गवाहों के बयान, दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश कुलदीप कुमार की अदालत ने आरोपी पति सुनील विश्वकर्मा को आजीवन कारावास और सास-ससुर को दस-दस साल कारावास की सजा सुनाई। मामले में अभियोजन पक्ष से बहस पैरवी शासकीय अधिवक्ता राकेश यादव, निजी अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह ने की।
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घटना के मुताबिक, खमरिया के पकड़ीतर निवासी शिवचंद विश्वकर्मा ने आरोप लगाया था कि उसने अपनी लड़की किरन देेवी का विवाह सारीपुर ग्राम निवासी सुनील विश्चकर्मा के साथ दो साल पूर्व किया था। किरन जब ससुराल गई तो वहां पति, सास और ससुर दहेज में एक बाइक, एक लाख रुपये नकद की मांग करने लगे। मेरी लड़की ने मुझे कई बार बताया था और मैंने जाकर ससुराल वालों को समझाया भी था, लेकिन वे नहीं माने और दहेज के लिए मेरी पुत्री को मारते-पीटते रहे। 24 मई 2016 को ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मृतका के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर विवेचना की। इसके बाद दहेज हत्या और अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। गवाहों के बयान, दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश कुलदीप कुमार की अदालत ने आरोपी पति सुनील विश्वकर्मा को आजीवन कारावास और सास-ससुर को दस-दस साल कारावास की सजा सुनाई। मामले में अभियोजन पक्ष से बहस पैरवी शासकीय अधिवक्ता राकेश यादव, निजी अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह ने की।
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