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विधायक विजय मिश्र के घरेलू कलह से सियासी प्याले में तूफान

Sat, 08 Aug 2020 10:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 10:00 PM IST
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Legislator Vijay Mishra's domestic quarrel storms political cup
ज्ञानपुर। बनारस और भदोही के गांवों में एक किस्सागोई है-‘आपन हारल केसे कहै, जब गदहै खइलस खेत’। यानी कि एक निरीह प्राणी से भी अगर किसान अपनी फसल की सुरक्षा न कर पाए तो इसमें कमी उसी की मानी जाएगी। यह व्यथा वह किसी से बांट भी नहीं सकता, क्योंकि इसमें बदनामी उसी की है। विधायक विजय मिश्र के हालात भी इन दिनों कुछ ऐसे ही हो चले हैं। बाहुबल के बूते लगातार चार बार से विधानसभा पहुंचकर पूर्वांचल तक की सियासत में अलग रसूख कमा चुके मिश्र अपने ही घर में एक ऐसे महाभारत के मुहाने पर खड़े हो गए हैं, जहां उनके सामने घर और रिश्तेदारों में उपजे असंतोष के साथ-साथ उन्हें बाहरी सियासी प्रतिद्वंद्वियों से मिल रहे प्रोत्साहन के खाद-पानी से भी निपटने की चुनौती है। मौके की तलाश में घात लगाए विरोधियों को 20 दिन के अंदर विधायक पर दो मुकदमे दर्ज होने से मुस्कुराने का मौका मिल गया है। चुटकी लेने के अंदाज में अब वे हर हालात पर नजर रखने लगे हैं। खास बात यह है कि इस समूचे घटनाक्रम की शुरुआत घरेलू असंतोष से ही हुई।
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विरोधियों के साथ मिलकर साजिश करने के विधायक के आरोप पर किसी समय उनके सबसे करीब रहने वाले उनके भतीजे और ज्ञानपुर ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्रा ने सबसे पहले विधायक के खिलाफ बगावत का मोर्चा खोला। उन्होंने मीडिया के सामने पुराना इतिहास उजागर करने का प्रयास करते हुए विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद शुरू हुई उठापटक के बीच टोल प्लाजा में पैसे लगाने वाले व्यवसायी को फोन पर धमकी देने के आरोप में गत 17 जुलाई को औराई थाने में विधायक विजय मिश्र के खिलाफ केस फाइल हो गया और पुलिस ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू कर दी। इस प्रकरण की सुनवाई अभी चल ही रही है कि विधायक के रिश्तेदार (विधायक के भतीजे के साले) कृष्णमोहन तिवारी ने 19 साल बाद विधायक और उनके परिवार पर संपत्ति कब्जा करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया।
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यह वही कृष्णमोहन तिवारी हैं, जिन्होंने गत दिनों विधायक और भतीजे मनीष मिश्रा के झगड़े में विधायक का पक्ष लेते हुए मनीष के पिता राम जी मिश्र के साथ प्रेस कांफ्रेंस में मनीष की आलोचना की थी। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इतनी जल्दी ऐसा क्या हो गया कि कल तक साथ रहे लोग अब इजलास पर आमने-सामने होने के लिए भी तैयार हैं। यद्यपि ये सारे तथ्य जांच के बाद सामने आ पाएंगे, लेकिन हाल-फिलहाल के घटनाक्रम से जिले के सियासी प्याले में तूफान जरूर आ गया है।
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