ज्ञानपुर। मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार को कालीन नगरी में पतंगबाजी का उत्साह सिर चढ़कर बोला। क्या बच्चे, क्या युवा और क्या बुजुर्ग...पतंगबाजी के मैदान में सभी बालमन नजर आए। सुबह से ही शुरू हुए पतंगबाजी के उल्लास के बीच चहुंओर भक्काटे का शोर गूंजता रहा। घरों की छत से लेकर मैदानों तक युवाओं की मस्ती भरी पतंगबाजी देर शाम तक चली। रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान मानो सतरंगी हो गया हो।
मकर संक्रांति को लेकर पखवारेभर पूर्व से ही जिले में पतंगबाजी का उत्साह युवाओं और बच्चों पर छाया हुआ है। बुधवार को मकर संक्रांति होने के कारण यह उत्साह चरम पर पहुंच गया। सुबह स्नान और खिचड़ी छूने की रस्म अदायगी के बाद बड़ी तादाद में युवा और बच्चे पतंग और मांझे के साथ मैदान में पहुंच गए और शुरू हो गया पतंगों की पेच लड़ाने का सिलसिला। इस दौरान जिनकी पतंगें कटतीं, वे मायूस होते मगर जो पतंग काटता उसका समूह भक्काटे का शोर करता। छतों पर भी बड़ी तादाद में बच्चे और युवा पतंग उड़ाते देखे गए। पतंग कटने के बाद नई पतंग खरीदने के लिए बच्चे दुकानों पर पहुंच जा रहे थे। इससे पतंग की दुकानों पर पूरे दिन बच्चों और युवाओं की भीड़ लगी रही। ज्ञानपुर सब्जी मंडी के पीछे खुला मैदान पतंगबाजों की भीड़ से पटा रहा। स्कूली छात्रों ने छुट्टी का पूरा आनंद पतंगबाजी में उठाया।