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संयुक्त टीम करेगी पीएम सम्मान निधि की कमियों का संकलन

Tue, 12 Jul 2022 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2022 11:09 PM IST
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Joint team will compile the shortcomings of PM Samman Nidhi
ज्ञानपुर (भदोही)। राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम अब गांव-गांव पहुंच कर पीएम सम्मान निधि योजना की कमियों का पता लगाएगी। इसकी संकलन रिपोर्ट बनेगी। यह जानकारी मंगलवार को ज्ञानपुर तहसील सभागार में संयुक्त टीम में शामिल कर्मचारियों की बैठक लेते हुए तहसीलदार ने कहीं।
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तहसीलदार विजय यादव ने बताया कि तीन तहसील ज्ञानपुर, भदोही, औराई के छह ब्लाक डीघ, ज्ञानपुर, औराई, अभोली, सुरियावां, भदोही के 546 ग्राम पंचायतों से लगभग 2.26 लाख लाभार्थी है। शासन-प्रशासन की सख्ती पर लगभग पांच हजार ऐसे लाभार्थियों को चिह्नित किया गया है जो आयकर की श्रेणी में आते है। शेष लाभार्थियों में 11वीं किस्त की धनराशि गड़बड़ी के कारण खाते में न आने, मृतकों के नाम पर लाभ लेने और गड़बड़ी सुधार से संबंधित कार्य की राजस्व, कृषि विभाग के कर्मचारी रिपोर्ट तैयार कर तहसील के नोडल अधिकारियों को सौंपेंगे। इस कार्य के लिए नामित कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। कृषि अधिकारी एके प्रजापति ने कहा कि संकलन रिपोर्ट से बिना भूमि के लाभ लेने वालों का डाटा भी सामने आ सकेगा। बैठक में उप कृषि निदेशक अश्वनी कुमार सिंह, अनिल तिवारी, कौशलेंद्र, बेलाल अहमद, हरिकेश, मुरलीधर, अजीत, मंजरी श्रीवास्तव, रुपा सिंह, अनीता भारती आदि रहे।
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राजस्व सर्किलों में धूल फांक रही बैनामे की फाइलें
ज्ञानपुर। शासन की सख्ती पर तहसील प्रशासन काश्तकारों को घरौनी उपलब्ध कराने के लिए गांव-गांव ड्रोन सर्वेक्षण कराया जा रहा है। तहसीलों में अलग-अलग राजस्व सर्किलों का निर्धारण कर कानूनगो, लेखपाल, रजिस्टार की तैनाती की गई है जो खसरा, खतौनी से लेकर बहीखाता का रुपांतरण भी करते है। राजस्व सर्किल मतेथू, सदर और कोनिया में लगभग तीन माह से ढाई सौ ऐसी फाइलें धूल फांक रही हैं जो बैनामे से संबंधित हैं। काश्तकार प्रतिदिन तहसीलों का चक्कर लगाते हैं जिन्हें आउट साइडर यह कहकर वापस कर देते है कि साहब नहीं है। संयुक्त बैठक में मामला सुर्खियों में आते ही अधिकारी जवाब देने से कतराते रहे। कुरेदने पर एसडीएम सदर योगेंद्र कुमार ने बताया कि फाइलें तहसीलदार, नायब तहसीलदार कोर्ट से संबंधित हैं। आपत्ति-अनापत्ति के कारण बैनामा की लिस्ट फाइनल करने में देर होती है। काश्तकारों के हित में फाइलों का नि स्तारण कराने में तेजी दिखाने का निर्देश दिया जाएगा।
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