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जया की सांसद निधि में लगाई सेंध
bhadohi hindi news
Updated Thu, 01 Dec 2016 02:09 AM IST
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राज्यसभा सांसद जया बच्चन की सांसद निधि में सेंध लग गई है। भदोही विकास खंड के सरैयां गांव में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा की ओर से अंबेडकर ग्राम योजना के तहत जो सीसी मार्ग करीब 40 लाख रुपये की लागत से पांच साल पूर्व बनाया गया था, उसी मार्ग के लिए जया बच्चन की निधि से दोबारा 49.27 लाख रुपये जारी करा लिए गए। मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद परियोजना निदेशक को जांच सौंप दी गई है।
सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने सांसद निधि से विकास के लिए तीन साल पूर्व भदोही को नोडल जिला चुना था। उन्होंने दत्तीपुर गांव को गोद लिया है। तीन साल के दौरान कई स्कूल, मार्ग निर्माण के लिए उनकी निधि का उपयोग हुआ। जया बच्चन के ज्यादातर कामकाज उनके करीबियों के द्वारा तैयार कागजात पर तय होता है। भदोही के सरैयां गांव में जिस सीसी मार्ग को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2009-10 में करीब 40 लाख की लागत से बनवाया था, उसी के लिए दोबारा सांसद निधि से 49.27 लाख रुपये जारी करा लिए गए। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत डीएम और सीडीओ से की। मार्ग बनाने की फाइल डीएम कार्यालय पहुंची तो उसे रोक दिया गया।
मामला संज्ञान में है। परियोजना निदेशक को तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराने का निर्देश दिया गया है। एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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- रमेश चंद्र पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।
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सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने सांसद निधि से विकास के लिए तीन साल पूर्व भदोही को नोडल जिला चुना था। उन्होंने दत्तीपुर गांव को गोद लिया है। तीन साल के दौरान कई स्कूल, मार्ग निर्माण के लिए उनकी निधि का उपयोग हुआ। जया बच्चन के ज्यादातर कामकाज उनके करीबियों के द्वारा तैयार कागजात पर तय होता है। भदोही के सरैयां गांव में जिस सीसी मार्ग को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2009-10 में करीब 40 लाख की लागत से बनवाया था, उसी के लिए दोबारा सांसद निधि से 49.27 लाख रुपये जारी करा लिए गए। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत डीएम और सीडीओ से की। मार्ग बनाने की फाइल डीएम कार्यालय पहुंची तो उसे रोक दिया गया।
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मामला संज्ञान में है। परियोजना निदेशक को तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराने का निर्देश दिया गया है। एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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- रमेश चंद्र पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।