{"_id":"5e9f06ee8ebc3e908d603a5f","slug":"jamaat-penetration-has-deepened-in-carpet-city-bhadohi-news-vns521350643","type":"story","status":"publish","title_hn":"कालीन नगरी में गहरी हे चुकी है जमात की पैठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कालीन नगरी में गहरी हे चुकी है जमात की पैठ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। देश में कोरोना वायरस जैसे संक्रमण को बढ़ाने में भूमिका निभाने वाली जमात से कालीन नगरी भी अछूती नहीं है। एक दशक के अंदर ही यहां पर जमात ने गहरी पैठ बना ली है। क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में 200 से अधिक सदस्यों के नाम सामने आए हैं। कई सदस्य तो पहले सिमी के सदस्य रह चुके हैं। सिमी प्रतिबंधित होने के बाद वह जमात के सदस्य बन गए।
दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में शामिल होकर लौटे 11 बांग्लादेशी समेत 14 जमातियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद क्वारंटीन में रखा गया। क्वारंटीन अवधि पूरी होने पर सभी को अस्थायी जेल में रखा गया है। मरकज में शामिल होने के लिए गया मो. शरीक अब तक दिल्ली से नहीं लौटा है। प्रकरण की जांच कर रही क्राइम ब्रांच कोई कई अहम जानकारी हाथ लगी है। सूत्रों की मानें तो प्रतिबंधित संगठन सिमी के सदस्य रहे लोग अब जमात के सदस्य बन चुके हैं। नई बाजार, चौरी रोड, काजीपुर, ज्ञानपुर, घोसिया, माधोसिंह और गोपीगंज में जमात से जुड़े सदस्यों की संख्या ठीकठाक है। 200 के करीब इनकी संख्या आंकी जा रही है। भदोही का काजीपुर जमातियों का गढ़ माना जाता है। यहीं की मस्जिद से 11 बांग्लादेशी समेत 14 जमातियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वहीं के एक कालीन निर्यातक केे एक अहाते में अक्सर जमात की धार्मिक सभाएं होती रही हैं। सूत्रों की मानें तो जमात से जुड़ने वाले सदस्य दो से ढाई साल के अल्प समय में करोड़ों के मालिक बन गए। इतनी तेजी से इनकी संपत्ति कहां से बढ़ी, यह जांच का विषय है।
विज्ञापन
दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में शामिल होकर लौटे 11 बांग्लादेशी समेत 14 जमातियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद क्वारंटीन में रखा गया। क्वारंटीन अवधि पूरी होने पर सभी को अस्थायी जेल में रखा गया है। मरकज में शामिल होने के लिए गया मो. शरीक अब तक दिल्ली से नहीं लौटा है। प्रकरण की जांच कर रही क्राइम ब्रांच कोई कई अहम जानकारी हाथ लगी है। सूत्रों की मानें तो प्रतिबंधित संगठन सिमी के सदस्य रहे लोग अब जमात के सदस्य बन चुके हैं। नई बाजार, चौरी रोड, काजीपुर, ज्ञानपुर, घोसिया, माधोसिंह और गोपीगंज में जमात से जुड़े सदस्यों की संख्या ठीकठाक है। 200 के करीब इनकी संख्या आंकी जा रही है। भदोही का काजीपुर जमातियों का गढ़ माना जाता है। यहीं की मस्जिद से 11 बांग्लादेशी समेत 14 जमातियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वहीं के एक कालीन निर्यातक केे एक अहाते में अक्सर जमात की धार्मिक सभाएं होती रही हैं। सूत्रों की मानें तो जमात से जुड़ने वाले सदस्य दो से ढाई साल के अल्प समय में करोड़ों के मालिक बन गए। इतनी तेजी से इनकी संपत्ति कहां से बढ़ी, यह जांच का विषय है।
विज्ञापन