जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट: चारों दोषियों को उम्रकैद, शहबाज भदोही का है निवासी; 70 से अधिक लोगों की हुई थी मौत
इस घटना के बाद पुलिस, खुफिया एजेंसियों की नजर यहां हमेशा बनी रही। दिसंबर 2019 में निचली अदालत से शहबाज को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। हालांकि अब एक बार फिर से दोष सिद्ध होने पर जनपद चर्चा में है।
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Jaipur Serial Bomb Blast: जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट में दोषी करार दिए गए चार दोषियों में शहबाज हुसैन जिले में भदोही नगर के चांदनी चौक कटरा बाजार का निवासी है। जयपुर की विशेष अदालत ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दोषी शहबाज प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) का सदस्य था। शहबाज के ऊपर बम ब्लॉस्ट के बाद जिम्मेदारी लेने वाला ईमेल भेजने का आरोप था।
जयपुर में 13 मई 2008 को आठ स्थानों पर हुए बम धमाकों में 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 180 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस ब्लास्ट के बाद जनपद तब सुर्खियों में आया जब भदोही नगर के चांदनी चौक कटरा बाजार निवासी शहबाज हुसैन का नाम इस ब्लॉस्ट में सामने आया।
शहबाज पर आरोप था कि ब्लास्ट के बाद उसने विस्फोट के बाद उसकी जिम्मेदारी लेने वाला ईमेल अधिकारियों को किया था। पुलिस ने अगस्त 2008 में शाहबाज को लखनऊ में पकड़ा था। इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था और जेल गया था। अधिकतर जगहों पर उसका पता लखनऊ ही दर्ज है।
सिमी की पत्रिका का रह चुका है सह संपादक
दोषी शहबाज कालीन निर्यातक था। यह भी बताया जाता है कि प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) की पत्रिका का 2005-06 में सह संपादक भी रह चुका है। फिलहाल पुलिस रिकार्ड में अब यह किसी संगठन व पार्टी से नहीं जुड़ा है। इसके पिता की मौत हो चुकी है, मां ही घर की मुखिया है। इससे छोटा भाई कालीन का काम करता है, लेकिन वह इससे अलग रहता है।
बोले अधिकारी
विशेष न्यायालय में मुकदमे के दौरान शहबाज की भदोही कोतवाली में बराबर हाजिरी भी लगती रही। न्यायालय में सुनवाई के दौरान नोटिस जारी होते ही उसे जयपुर पुलिस की सुपुदर्गी में दे दिया गया था। पुलिस संदिग्ध लोगों व उनके संबंधियों पर लगातार नजर रखती है। - अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक, भदोही