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आईओसी टीम ने शुरु की जांच, भेजेगी रिपोर्ट
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दुर्गागंज। घटतौली के आरोप में आनंदडीह स्थित पेट्रोलपंप पर सीज हुए डीजल से भरे टैंकर की जांच शनिवार को आईओसी अलीनगर-मुगलसराय की टीम ने शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट पूर्ण होने पर जोनल कार्यालय को भेजी जाएगी। कयास लग रहा है कि जोनल कार्यालय प्रकरण में ट्रांसपोर्टर और टैंकर चालक पर कार्रवाई कर सकती है।
आनंदडीह पेट्रोलपंप संचालक पुष्पुंजय कुमार ने डीजल से भरे टैंकर को डिपो से मंगवाया था। लॉकडाउन में किसी तरह चालक डीजल लेकर पंप पर पहुंच तो गया लेकिन जब माप कराई गई तो लगभग 800 लीटर डीजल कम मिला। चालक से पूछताछ हुई तो वह कुछ भी बताने के बजाए टैंकर को छोड़कर भाग निकला। शक की पुष्टि करने के लिए पंप संचालक ने शिकायत जिलापूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी से की। दूसरे दिन शनिवार को डिपो से पहुंचे तकनीकी अधिकारी मनीष चौधरी, एरिया सेल्स अधिकारी रविप्रसाद ने बारीकियों के साथ जांच कर बड़ी गड़बड़ी की पुष्टि की। अधिकारियों ने कहा कि डिपो से टैंकर लोडिंग होते समय पूरी पारदर्शिता बरती जाती है और टैंकर की जांच भी। ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलीभगत कर चालक दल गुप्त टैंक लगवा लिए जाते हैं, जिसमें हजार लीटर तक डीजल की चोरी की संभावना रहती है।
पंप संचालक का आरोप रहा कि जांच के समय जिलापूर्ति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अपनी कमी को छुपाने के लिए देर तक नहीं पहुंच सके थे। विभागीय मिलीभगत पर लोग तरह-तरह के आरोप-प्रत्यारोप भी मढ़ते रहे। देखना अब यह है कि जोनल कार्यालय का शिकंजा घटतौली में लिप्त लोगों पर कितना असर छोड़ पाता है या फिर पूर्व के दिनों की तरह हो रही मनमानी का खामियाजा पंप संचालकों को भुगतना पड़ेगा।
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आनंदडीह पेट्रोलपंप संचालक पुष्पुंजय कुमार ने डीजल से भरे टैंकर को डिपो से मंगवाया था। लॉकडाउन में किसी तरह चालक डीजल लेकर पंप पर पहुंच तो गया लेकिन जब माप कराई गई तो लगभग 800 लीटर डीजल कम मिला। चालक से पूछताछ हुई तो वह कुछ भी बताने के बजाए टैंकर को छोड़कर भाग निकला। शक की पुष्टि करने के लिए पंप संचालक ने शिकायत जिलापूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी से की। दूसरे दिन शनिवार को डिपो से पहुंचे तकनीकी अधिकारी मनीष चौधरी, एरिया सेल्स अधिकारी रविप्रसाद ने बारीकियों के साथ जांच कर बड़ी गड़बड़ी की पुष्टि की। अधिकारियों ने कहा कि डिपो से टैंकर लोडिंग होते समय पूरी पारदर्शिता बरती जाती है और टैंकर की जांच भी। ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलीभगत कर चालक दल गुप्त टैंक लगवा लिए जाते हैं, जिसमें हजार लीटर तक डीजल की चोरी की संभावना रहती है।
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पंप संचालक का आरोप रहा कि जांच के समय जिलापूर्ति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अपनी कमी को छुपाने के लिए देर तक नहीं पहुंच सके थे। विभागीय मिलीभगत पर लोग तरह-तरह के आरोप-प्रत्यारोप भी मढ़ते रहे। देखना अब यह है कि जोनल कार्यालय का शिकंजा घटतौली में लिप्त लोगों पर कितना असर छोड़ पाता है या फिर पूर्व के दिनों की तरह हो रही मनमानी का खामियाजा पंप संचालकों को भुगतना पड़ेगा।
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