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गोशालाओं में दम तोड़ रहे बेजुबान

Wed, 04 Nov 2020 10:23 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 10:23 PM IST
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Inigualable en negligencia
ज्ञानपुर। भदोही जिले में गोशालाओं की हालत खस्ता है। छुट्टा पशुओं को ठांव देने के लिए हर महीने सरकार गोशालाओं पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन गायों की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। हर महीने 10 से 15 बेजुबान दम तोड़ रहे हैं। खास बात यह है कि मृत मवेशियों को यों ही जहां-तहां निपटा दिया जाता है।
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प्रदेश सरकार ने छुट्टा पशुओं को संरक्षण देने के लिए अस्थायी और स्थायी गोशालाओं के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये जारी किया है। इसके लिए बनी संरक्षण समिति ब्लॉक डीघ, औराई, सुरियावां, भदोही, अभोली और ज्ञानपुर के विभिन्न गांवों में 21 अस्थायी गौशालाओं का निर्माण कराकर तीन हजार से अधिक पशुओं को संरक्षित करने का दावा करती है। मगर पिछले तीन वर्षों से संरक्षण समिति के पूरी तरह मुंह मोड़ लेने के कारण गोशालाएं अव्यवस्था की शिकार हो गई हैं, जिसका परिणाम है कि गुजरे तीन महीने में 100 से अधिक पशुओं की मौत हो गई। उचित रखरखाव का अभाव और चारा-पानी न मिलने के चलते बेजुबान दम तोड़ रहे हैं।
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सागररायपुर, चकवा, पूरे रजा, औराई चीनी मिल आदि गोशालाओं में औसतन एक-दो मवेशी प्रतिदिन मौत के मुंह में चले जाते हैं। पांच से 10 पशु प्रतिदिन बीमार होते हैं। आरोप है कि मरने वाले मवेशियों को दबे पांव ठिकाने लगा दिया जाता है। दो माह पहले गोशालाओं में पशुओं के साथ हो रही अनदेखी का मामला शासन तक पहुंचने पर मंडलीय अधिकारियों के साथ लखनऊ से आए नोडल अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपी थी। बावजूद इसके अस्थायी गोशालाओं की हालत में सुधार नहीं हो पा रहा है। ब्लॉक अधिकारी गोशाला की जिम्मेदारी संभाल रहे ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी से मनमानी तौर पर चारा-पानी का बिल भुनाने में पीछे नहीं रहे हैं। डीघ, औराई, अभोली ब्लॉक के गांवों में चल रहे गोशालाओं की हालत बेहद खराब है। प्रभारी सीवीओ डॉ. आरके उपाध्याय ने कहा कि मनरेगा के तहत गोशालाओं में काफी कार्य अधूरे होने की लिखित जानकारी संरक्षण समिति को दी जा चुकी है। ब्लॉक स्तर पर चारे के लिए हो रही बिचौलियागिरी पर अंकुश लगाकर खरीद फरोख्त की जिम्मेदारी अब विंध्यवासिनी इंटर प्राइजेज को दी गई है, जो पर्याप्त मात्रा में चारे की व्यवस्था कराएगी। मर रहे पशुओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी गोशालाओं पर पशु चिकित्सकों की टीम देखभाल में जुटी है। किसी भी समस्या की शिकायत सामने आने पर जिला स्तर की टीम स्थलीय निरीक्षण कर पूरा कराती रहती है।
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