फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Increased concern of farmers due to high temperature, yield will decrease

अधिक तापमान से किसानों की बढ़ी चिंता, घटेगी पैदावार

Fri, 11 Dec 2020 04:02 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2020 04:02 PM IST
विज्ञापन
Increased concern of farmers due to high temperature, yield will decrease
ज्ञानपुर। दिसंबर का पहला पखवारा खत्म होने वाला है, लेकिन अभी हाड़कपाऊ ठंड शुरू नहीं हो सकी है। कड़ाके की ठंड के सीजन में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रह रहा है। बढ़े तापमान का असर रबी सीजन के फसलों पर पड़ेगा। यही स्थिति बनी रही तो गेहूं की पैदावार में 10 से 20 फीसदी तक गिरावट हो जाएगी।
विज्ञापन

दीपावली के बाद से ही गलन के साथ ठंड बढ़ जाती है। दिसंबर के पूरे महीने और मकर संक्रांति तक शीतलहर और हाड़कपाऊ ठंड पड़ती है, लेकिन इस साल अभी वैसी ठंड देखने को नहीं मिली, जबकि दिसंबर का एक पखवारा समाप्त होने वाला है। कोहरा जरूर पड़ रहा है लेकिन तापमान में गिरावट नहीं हो रही है। एक से 11 दिसंबर 2019 के आंकड़ों पर गौर करें तो न्यूनतम तापमान चार से पांच डिग्री जबकि अधिकतम 18 से 20 तक रहा, लेकिन 2020 में स्थिति ठीक उलट है। एक दिसंबर से 11 दिसंबर के मध्य तीन दिसंबर को छोड़कर न्यूनतम तापमान 12 से 15 जबकि अधिकतम 25 से 28 के आसपास बना हुआ है। बढ़ा तापमान खेतीबारी को लेकर चिंतित करने वाला है।
विज्ञापन

कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने कहा कि 2019 के दिसंबर में पश्चिमी विक्षोभ तीन बार सक्रिय हुआ था, जिसके कारण दिसंबर के शुरूआती दिनों से ही न्यूनतम तापमान चार से पांच डिग्री तक पहुंच गया जबकि 2020 में एक बार सक्रिय हुआ वह भी दिल्ली तक ही सिमट गया। जिससे पूर्वी यूपी में ठंड नहीं बढ़ी। उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर के बाद स्थिति बदलेगी। हल्की बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आएगी। पश्चिमी विक्षोभ में देरी होने के कारण जनवरी में पूरे महीने तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह का मानना है कि रबी सीजन की फसलों के लिए 15 से 20 डिग्री तापमान की जरूरत होती है, लेकिन वर्तमान समय में अधिकतम तापमान 28 डिग्री तक है। तापमान बढ़ने से फसलों की ग्रोथ रुक जाती है। जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा। 15 दिसंबर तक तापमान में गिरावट नहीं हुई तो गेहूं की फसल प्रभावित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed