{"_id":"51c8a15062e45ab011d9322f47e5279d","slug":"increase-the-life-of-carpet-right-maintenance-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सही मेंटेनेंस से बढ़ाएं कालीन की लाइफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सही मेंटेनेंस से बढ़ाएं कालीन की लाइफ
Increase the Life of carpet right Maintenance
Updated Mon, 30 Mar 2015 02:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊलसेफ की प्रबंध निदेशक डा.एग्नेस सेडनाय ने कहा कि कालीनों की सही तरीके से सफाई जरूरी है।
इसके अभाव में कालीन की लाइफ तो कम होती ही है यह बीमारी बांटने की वजह भी बन जाती है। छोटे बच्चे कालीनों पर खेलते हैं जिन्हें धूल के कण नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कहा कि अगले सात दिनों तक हम कालीनों के मेंटेंनेंस पर चर्चा करेंगे। विशेषज्ञ एडम जनकोवास्कि लोगों को मेंटेनेंस के तरीकों से रूबरू कराएंगे।
अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के पूर्व उपाध्यक्ष रवि पाटोदिया ने कहा कि हालांकि निर्यातक सीधे उपभोक्ता से नहीं जुड़ा है लेकिन कालीनों की सफाई का मामला खरीदार के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है।
इसमें कोताही से परिवार का स्वास्थ्य दांव पर लग सकता है। इसलिए इस बिंदु को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस मुद्दे पर ध्यान दिलाने के लिए आईआईसीटी और ऊलसेफ की पहल का स्वागत किया।
विज्ञापन
संस्थान के निदेशक, प्रो.केके गोस्वामी ने कहा कि कारपेट क्लीनिंग एंड मेंटेंनेंस को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रोडक्ट की लाइफ बनाए रखने के साथ जनस्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण है।
इसलिए कालीन उत्पादकों को भी पहल करनी चाहिए। कालीन खरीदने वाले को इसके इस्तेमाल, रखरखाव के सही तरीके बताने की जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की भी होती है। समारोह का संचालन कोआर्डिनेटर बीडी गुप्ता ने और धन्यवाद ज्ञापन आरके मलिक ने किया। एकमा के उपाध्यक्ष शिवसागर तिवारी ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
इसके अभाव में कालीन की लाइफ तो कम होती ही है यह बीमारी बांटने की वजह भी बन जाती है। छोटे बच्चे कालीनों पर खेलते हैं जिन्हें धूल के कण नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कहा कि अगले सात दिनों तक हम कालीनों के मेंटेंनेंस पर चर्चा करेंगे। विशेषज्ञ एडम जनकोवास्कि लोगों को मेंटेनेंस के तरीकों से रूबरू कराएंगे।
अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के पूर्व उपाध्यक्ष रवि पाटोदिया ने कहा कि हालांकि निर्यातक सीधे उपभोक्ता से नहीं जुड़ा है लेकिन कालीनों की सफाई का मामला खरीदार के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है।
विज्ञापन
इसमें कोताही से परिवार का स्वास्थ्य दांव पर लग सकता है। इसलिए इस बिंदु को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस मुद्दे पर ध्यान दिलाने के लिए आईआईसीटी और ऊलसेफ की पहल का स्वागत किया।
विज्ञापन
संस्थान के निदेशक, प्रो.केके गोस्वामी ने कहा कि कारपेट क्लीनिंग एंड मेंटेंनेंस को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रोडक्ट की लाइफ बनाए रखने के साथ जनस्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण है।
इसलिए कालीन उत्पादकों को भी पहल करनी चाहिए। कालीन खरीदने वाले को इसके इस्तेमाल, रखरखाव के सही तरीके बताने की जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की भी होती है। समारोह का संचालन कोआर्डिनेटर बीडी गुप्ता ने और धन्यवाद ज्ञापन आरके मलिक ने किया। एकमा के उपाध्यक्ष शिवसागर तिवारी ने भी संबोधित किया।