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छह माह से नहीं मिली प्रोत्साहन राशि, रोका वैक्सीनेशन कार्य
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जिला अस्पताल ज्ञानपुर में बृहस्पतिवार को सुबह नौ से 11 बजे तक दो घंटे उस समय वैक्सीनेशन कार्य रुक गया जब महिला-पुरुष फ्रंटलाइन वर्करों ने छह माह से प्रोत्साहन न मिलने का आरोप लगाया। जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने किसी तरह वर्करों को समझा-बुझाकर वैक्सीनेशन, पंजीकरण शुरू कराया।
लगभग डेढ़ दर्जन की संख्या में एकजुट वर्करों ने विभागीय अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर में आम परिवारों को राहत देने के लिए उन्हें रखा गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने प्रति वर्कर दो सौ रुपये एक दिन के लिए निर्धारित किया है लेकिन जनवरी से अब तक उन्हें फूटी कौड़ी तक नसीब नहीं हो सकी है। अधिकारी और कर्मचारी माह के पांच तारीख तक वेतन का आहरण कर गृहस्थी को संवारते हैं। फ्रंट लाइन वर्कर पहले से आर्थिक परेशानी झेलकर अस्पताल पहुंचते हैं और अपनी जिम्मेदारी सुबह नौ से सायं पांच बजे तक निभाते हैं। प्रोत्साहन धनराशि न मिलने से अब न वाहन का किराया देना संभव हो रहा है न परिवार का खर्च चल पा रहा है। प्रोत्साहन, वैक्सीन बाक्स, कोल्ड चेन आदि के लिए पर्याप्त धन शासन दे चुका है। बावजूद इसके भुगतान में मनमानी की जा रही है। दो दिन में बकाया भुगतान नहीं हुआ तो वर्कर आगे की रणनीति तैयार करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर छाया मालवीय, नीलम यादव, महेंद्र पाल, नेहा यादव, सुधा चौरसिया, विनीता व सत्यम पाल आदि रहे।
इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक एसपी सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में न होने के कारण समस्या सामने आई है। जांच कराकर वर्करों का भुगतान कराया जाएगा।
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लगभग डेढ़ दर्जन की संख्या में एकजुट वर्करों ने विभागीय अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर में आम परिवारों को राहत देने के लिए उन्हें रखा गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने प्रति वर्कर दो सौ रुपये एक दिन के लिए निर्धारित किया है लेकिन जनवरी से अब तक उन्हें फूटी कौड़ी तक नसीब नहीं हो सकी है। अधिकारी और कर्मचारी माह के पांच तारीख तक वेतन का आहरण कर गृहस्थी को संवारते हैं। फ्रंट लाइन वर्कर पहले से आर्थिक परेशानी झेलकर अस्पताल पहुंचते हैं और अपनी जिम्मेदारी सुबह नौ से सायं पांच बजे तक निभाते हैं। प्रोत्साहन धनराशि न मिलने से अब न वाहन का किराया देना संभव हो रहा है न परिवार का खर्च चल पा रहा है। प्रोत्साहन, वैक्सीन बाक्स, कोल्ड चेन आदि के लिए पर्याप्त धन शासन दे चुका है। बावजूद इसके भुगतान में मनमानी की जा रही है। दो दिन में बकाया भुगतान नहीं हुआ तो वर्कर आगे की रणनीति तैयार करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर छाया मालवीय, नीलम यादव, महेंद्र पाल, नेहा यादव, सुधा चौरसिया, विनीता व सत्यम पाल आदि रहे।
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इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक एसपी सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में न होने के कारण समस्या सामने आई है। जांच कराकर वर्करों का भुगतान कराया जाएगा।