धार्मिक स्थल सीतामढ़ी को जोड़ने वाली प्रमुख जंगीगंज-धनतुलसी मार्ग पर चल रहे नवीनीकरण कार्य में मानकों की अनदेखी पर सोमवार को ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से सड़क का निरीक्षण करने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दिया कि सड़क निर्माण में हो रही मनमानी नहीं रोकी गई तो इसकी शिकायत मंडलायुक्त करेंगे। डीघ के निबिहा गांव के सामने निर्माणाधीन सड़क के मामले में कहा कि लगभग 10 वर्ष पहले उक्त सड़क को करोड़ों की लागत से बनाई गई थी। कोनिया क्षेत्र के लगभग 116 गांव, डेंगुरपुर घाट पर बनने वाले पीपापुल से गंगा आर-पार होकर प्रयागराज, जौनपुर, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, मध्यप्रदेश को पहुंचने के लिए बाइक, कार सवारों की होड़ लगते ही करोड़ों की सड़क कोइरौना बाजार, निबिहां, सीतामढ़ी गेट, सोनपुर-कटरा, भदरांव, बारीपुर मोड़, चंदापुर, डगडगपुर, नेवाजीपुर आदि स्थानों पर उखड़ गई। कहा कि प्रदेश के पर्यटन नक्शे में शामिल सीतामढ़ी दर्शन-पूजन के लिए दर्शनार्थी, यहां तक गैर प्रांत से पर्यटक भी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। सड़क की बदहाली का मामला शासन तक पहुंचने पर नये वित्तीय वर्ष में पुन:लगभग पौने दो करोड़ की लागत से नवीनीकरण की जिम्मेदारी शासन ने लोक निर्माण विभाग को सौंपी है। जिले में ही तैनात रहे अवर अभियंता को शासन ने प्रमोशन देकर एक्सईन बना दिया। कार्यदायी संस्था ने दो सप्ताह पूर्व निर्माण शुरू कराया लेकिन लेपन कार्य में केमिकल मिलाने से सड़क का भविष्य अंधकार में है। इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में आरबी यादव, कलेक्टर यादव, चंद्रशेखर यादव, विजय यादव, चंद्रप्रकाश यादव, बबलू यादव, श्रीनाथ बिंद, पारसनाथ बिंद, लालजी, बलिस्टर यादव, मुंशी यादव आदि रहे। पीडब्ल्यूडी इएक्सईएन एसबी राव ने बताया कि जंगीगंज मोड़ से सीतामढ़ी गेट तक 14 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण 1.89 करोड़ से कराया जा रहा है। बताया कि तीन सेंटीमीटर ऊंचे लेपन कार्य में किसी तरह की गड़बड़ी पर कार्यदायी संस्था जिम्मेदार होगी। ग्रामीणों की शिकायत पर अवर अभियंता को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है।