ज्ञानपुर। जिले के 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में 2310 मरीज पहुंचे। इनमें मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या ज्यादा रही। उन्हें जांच के बाद दवा दी गई। स्वास्थ्य मेले के दौरान अस्पतालों की पड़ताल में कई समस्याएं उजागर हुईं। कहीं अस्पताल पहुंचने वाले रास्ते पर कीचड़ का अंबार दिखा तो कहीं मरीज समय पर पहुंचकर चिकित्सक का इंतजार करते रहे। दुर्गागंज पीएचसी पहुंचने वाला मार्ग कीचड़ से भरा रहा। 17 में आधे से अधिक पीएचसी पर चिकित्सक देर से पहुंचे। रविवार को पीएचसी पर लगे मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले की पड़ताल में तमाम खामियां नजर आईं। कटरा, हरिहरपुर, लालानगर, जयरामपुर, महजूदा, सेमराध पीएचसी पर डॉक्टर से पहले मरीज पहुंचकर इंतजार करते रहे। यहां डॉक्टर आधा घंटा की देरी से पहुंचे। इस बीच कर्मचारी ही काम देख रहे थे। मेले में मौसम में हुए बदलाव का असर देखने को मिला। इनमें अधिकतर मरीज सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार से ग्रसित रहे। चिकित्सकों ने उन्हें दवाएं दी। पीएचसी गिर्दबड़गांव के डॉ. गजेंद्र सिंह मौके पर उपस्थित मिले। यहां आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और एलोपैथिक तीनों विभाग से डॉक्टर मौजूद रहे। होम्योपैथिक के डॉ. अरुण सिंह ने बताया कि सुबह से ही मेले में मरीज आ रहे हैं। दोपहर तक करीब 55 मरीजों को देखा गया है। दुर्गागंज केंद्र पर व्यवस्थाएं बेहतर हैं लेकिन यहां पहुंचने वाले रास्ते खस्ताहाल हैं। दुर्गागंज पीएचसी पर पहुंचने के लिए करीब 300 मीटर कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना होगा। यह समस्या पिछले 15 वर्षों से यह रोड ऐसे ही बदहाल है। अब तक इसका समाधान नहीं हो सका। कई बार इसमें एबुलेंस फंस जाती है। वहीं मरीज फिसल कर गिर जाते हैं।