ज्ञानपुर। पर्यावरण संरक्षण की मुहिम के तहत सड़कों के किनारे पौधरोपण कर दिया गया, लेकिन उसके संरक्षण पर अब संकट दिखने लगा है। सरकारी बजट से हाईटेंशन तार के नीचे लगे पौधे और ट्रीगार्ड कुछ साल बाद तारों से सट जाएंगे। ऐसी हालत में या पौधे हटेंगे या तारों को हटाना मजबूरी हो जाएगी। वन विभाग की हल्की चूक मेहनत बेकार कर रहा है। पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के लिए हर साल पौधरोपण किया जाता है। साल 2021 में वन विभाग ,लोक निर्माण, पंचायत राज, बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, ग्राम विकास समेत अन्य विभागों की ओर से नौ लाख से अधिक पौधे रोपे गए, हालांकि इस दौरान पौधरोपण स्थल चयन में लापरवाही बरती गई। हाईटेंशन तार के नीचे ही पौधे रोप दिए गए। नजीर के तौर पर ज्ञानपुर-असनांव मार्ग के दोनों किनारे पर पौधे लगाए गए जबकि उसके ऊपर से ही हाईटेंशन तार गुजरा है। यही हाल विकास भवन मार्ग पर भी देखने को मिलेगी। कई स्थानों पर ऐसी स्थिति देखने को मिल जाएगी। पर्यावरण प्रेमी शिक्षक अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि हाईटेंशन तार के नीचे पौधे लगाना ठीक नहीं है। जैसे ही पौधे बड़े होंगे उनको काटकर हटाना पड़ेगा। प्रति ट्री गार्ड पर भी औसतन पांच से छह हजार रूपये खर्च हुए जो बेकार हो जाएंगे। प्रभागीय वनाधिकारी नीरज आर्या ने कहा कि पौधों को समय-समय पर छांटा जाएगा। जिससे अधिक ऊंचाई प्राप्त नहीं करेगा। भविष्य में ऐसे स्थानों पर पौधे नहीं लगेंगे।