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महानिदेशक स्वास्थ्य (संचारी) ने किया सीएचसी का निरीक्षण
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भदोही। महानिदेशक स्वास्थ्य (संचारी रोग) डा.बद्री विशाल ने शुक्रवार की शाम चौरी रोड स्थित सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर होते हुए भी दो चिकित्सकों ने 19 सितंबर से ओपीडी नहीं की है। कहा कि प्रतीत होता है कि इस दौरान वे अनुपस्थित रहे। उधर ओटी सयाहक के वाराणसी रहने से आने जाने पर जवाब तलब किया है। उन्होंने कहा कि थोडी से मेहनत से स्वास्थ्य केंद्र को कायाकल्प योजना में शामिल किया जा सकता है।
महानिदेशक सायं 7 बजे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। इस दौरान चिकिस्कों और कर्मियों में खलबली मच गयी। उन्होंने ओपीडी रजिस्टर में पाया कि डा.एसके तिवारी और डा.समीर उपाध्याय ने 19 सितंबर से ओपीडी नहीं की है। लेकिन उपस्थिति पंजिका में उनके हस्ताक्षर बने हैं। कहा कि यदि उपस्थित थे तो ओपीडी क्यों नहीं की? यह जांच का विषय है। इस बारे में उन्हें शोकाज किया जाएगा। बताया कि ओटी सहायक को प्रांगण में ही रहना चाहिए लेकिन ज्ञात हुआ है कि वे शाम को वाराणसी चले जाते हैं। इस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया।
महिलाओं की डिलिवरी रजिस्टर की जांच के दौरान पाया कि रजिस्टर में आशाओं के मोबाइल नंबर लिखे हैं जो गलत है। उन्होंने इस पर चिकित्सकों को चेताया और कहा कि आगे से ऐसा न हो। साफ सफाई पर संतोश व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल का लोकेशन और क्षेत्रफल इसके विस्तार के लायक है। बताया कि थोड़ी सी और मेहनत कर इसे कायाकल्प योजना में शामिल किया जा सकता है।
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महानिदेशक सायं 7 बजे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। इस दौरान चिकिस्कों और कर्मियों में खलबली मच गयी। उन्होंने ओपीडी रजिस्टर में पाया कि डा.एसके तिवारी और डा.समीर उपाध्याय ने 19 सितंबर से ओपीडी नहीं की है। लेकिन उपस्थिति पंजिका में उनके हस्ताक्षर बने हैं। कहा कि यदि उपस्थित थे तो ओपीडी क्यों नहीं की? यह जांच का विषय है। इस बारे में उन्हें शोकाज किया जाएगा। बताया कि ओटी सहायक को प्रांगण में ही रहना चाहिए लेकिन ज्ञात हुआ है कि वे शाम को वाराणसी चले जाते हैं। इस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया।
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महिलाओं की डिलिवरी रजिस्टर की जांच के दौरान पाया कि रजिस्टर में आशाओं के मोबाइल नंबर लिखे हैं जो गलत है। उन्होंने इस पर चिकित्सकों को चेताया और कहा कि आगे से ऐसा न हो। साफ सफाई पर संतोश व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल का लोकेशन और क्षेत्रफल इसके विस्तार के लायक है। बताया कि थोड़ी सी और मेहनत कर इसे कायाकल्प योजना में शामिल किया जा सकता है।
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