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Bhadohi News: जीआई टैग वाले कालीनों पर प्रोत्साहन राशि दें सरकार

Fri, 30 May 2025 12:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 30 May 2025 12:08 AM IST
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Government should give incentives on carpets with GI tag
भदोही। अमेरिकी टैरिफ से पूरा कालीन उद्योग प्रभावित है। अमेरिका को निर्यात प्रभावित होने से 75 फीसदी तक उत्पादन प्रभावित हुआ है। यही वह समय है, जब केंद्र और प्रदेश सरकार कालीन उद्यमियों के लिए ठोस और कारगर कदम उठा सकती है। ऐसा नहीं हुआ तो रोजगार प्रभावित होगा। ये बातें बृहस्पतिवार को दुलमदासपुर में हुए अमर उजाला संवाद में जिले के प्रमुख कालीन उद्यमियों ने बताई।
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मौजूदा समय में कालीन उद्योग की समस्याएं और चुनौतियां विषय पर आयोजित संवाद में निर्यातक पंकज बरनवाल ने बताया कि अमेरिका 50 फीसदी कालीन खरीदार था, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के नए टैरिफ व्यवस्था ने भारतीय कालीन उद्योग को बैकफुट पर ला दिया है। टैरिफ घोषणा के बाद हमें डिस्काउंट में माल बेचना पड़ रहा है। इतना ही नहीं आज अमेरिका का व्यवसाय पूरी तरह से बैठ जाने से अधिकतर निर्यातकों के पास काम नहीं है। यदि स्थिति नहीं सुधारी गई तो बेरोजगारी की मस्या उत्पन्न हो सकती है
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आलोक बरनवाल ने कहा कि एक बार यदि बुनकर पलायन कर गया तो उन्हें वापस लाना मुश्किल काम है। उद्यमियों ने विषम इस विषमपरिस्थिति में केंद्र और प्रदेश सरकार से सहयोग में आगे आने का आह्वान किया है। संजय गुप्ता ने कहा कि पांच वर्ष से कश्मीर सरकार जीआई टैग प्राप्त अपने कालीनों के निर्यात पर 10 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दे रही है। इस प्रकार की योजना उ प्र में भी लागू होना चाहिए। उमेश शुक्ला ने कहा कि इंट्रेस्ट सबवेंशन पहले 5 प्रतिशत था उसे तीन प्रतिशत किया गया और अब 31 दिसंबर 2024 से यह स्थगित चल रहा है, जो कालीन उद्यमियों का बड़ा नुकसान है।
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जाबिर बाबू अंसारी ने बनारस साड़ी बुनकरों की तरह कालीन उद्योग में भी सस्ते दर पर बिजली दिए जाने की वकालत की। निर्यातकों ने केंद्र सरकार से इंट्रेस्ट सबवेंशन (ब्याज क्षतिपूर्ति योजना) योजना तत्काल शुरू करने की मांग की। साथ ही प्रदेश सरकार से प्रदेश के उद्यमियों के लिए कश्मीर सरकार जैसी योजना शुरू करने की मांग की। असीम अंसारी बाबी, अमित मौर्य, हाजी सत्तार अंसारी, सादिक अंसारी, जाकिर अंसारी, रिशू केशरी, अश्फाक अंसारी आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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