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Bhadohi News: भगवान महावीर की राह पर चलने का संदेश दिया

Tue, 04 Apr 2023 12:20 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Apr 2023 12:20 AM IST
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Gave a message to follow the path of Lord Mahavir
भदोही। महावीर जयंती का पर्व सोमवार को नगर में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जैन समुदाय के लोगों ने प्रात: प्रभातफेरी निकाली और 24वें तीर्थंकर श्वेतांबर भगवान महावीर के सत्य-अहिंसा के पथ पर चलने का आह्वान किया। सुबह जैन समुदाय के लोग तहसील स्थित दुर्गा मंदिर पर जुटे और प्रभातफेरी निकाली। जैन धर्मालंबी रजपूरा कालोनी में भ्रमण करते हुए जैन मंदिर में पहुंचे। यहां दोपहर तक भजन कीर्तन का दौर चला। सुरेंद्र डागा, विमल सुराना, राजकुमार बोथरा, जैएस जैन आदि ने कहा कि भगवान महावीर की यह 2622वीं जयंती है। उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। भगवान महावीर ने यही सीख दी है कि खुद भी जियो और दूसरों को भी जीने दो। इस पर आज पूरा विश्व अमल कर रहा है और के समय में जब विश्व पर आतंकवाद का साया मंडरा रहा हो तो उनके बताए रास्ते पर सबको चलने की आवश्यकता है। दुर्गा मंदिर से रवाना हुए प्रभातफेरी में महिलाएं भी शामिल रहीं। लोगों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थी और भगवान के संदेश का नारा लगा रहे थे। इस दौरान रथ पर रखे भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा की आरती और वंदना की। जैन मंदिर में पूजन, आरती और भोज के बाद दोपहर बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रभातफेरी में संतोक चंद गोलछा, शांतिलाल नाहटा, जेठमल बांठिया, प्रभा बोथरा, वीना बांठिया, मनोज सुराना, जीतेंद्र जैन, सरला गोलछा, नीतिन सेठिया, पारस बांठिया, सुषमा सिंघी, कुसुम डागा, शिखर चंद बरडिया, सुशील नाहटा, मनोहर लाल खाबिया आदि शामिल रहे।
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भदोही के रजपूरा बीडा कालोनी स्थित जैन मंदिर जनपद का अकेला जैन मंदिर है। इसका निर्माण वर्ष 2008 में यहां के जैन अनुयायियों ने कराया और उसमें भव्य पार्श्वनाथ की प्रतिमा स्थापित की। वर्ष 2008 के पहले जब जिले में कोई जैन मंदिर नहीं था। तब बहुत से लोग विभिन्न पर्वों पर अपने घर राजस्थान चले जाते थे। वर्ष 2008 से लोगों में विचार बना कि कालोनी में अपने धर्म का मंदिर होना चाहिए, जहां लोग पूजा पाठ कर सके। इस पर आम राय बनी और सभी के सहयोग से एक भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया। इस बारे में जेएस जैन बताते हैं कि मंदिर के लिए सभी ने सहयोग किया। किसी ने भूमि दी, किसी ने निर्माण सामग्री दी। किसी ने अपना अमूल्य समय भगवान के नाम पर दान किया।
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