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गणेश चतुर्थी: आज पूजे जाएंगे भगवान श्रीगणेश
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गोपीगंज। गणेश चतुर्थी का व्रत सोमवार को मनाया जाएगा। महिलाएं यह व्रत अखंड सौभाग्य व पुत्र की दीर्घायु की कामना के लिए रखती है। इस दिन महिलाएं पूरे विधि-विधान से प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश जी की पूजन अर्चन करती है। इसके साथ ही महिलाए चंद्रदेव को अर्घ देकर श्रीगणेश भगवान की स्तुति करेंगी। गणेश पूजन के लिए महिलाएं तैयारी कर चुकी है।
भावसिंहपुर डूहिया निवासी आचार्य पंडित दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि काशी से प्रकाशित श्री महावीर पांचाग के अनुसार संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत सोमवार को है। सोमवार की रात 8 बज 48 बजे के पश्चात चन्द्र दर्शन हो होने पर महिलाएं विधिवत पूजन कर चंद्रमा को अर्घ्य देगी। बताया कि आज के दिन श्री गणेश जी की उत्पत्ति हुई थी। इसे तिल कुटी एवं व्रकतुण्ड चतुर्थी भी कहते हैं। अखंड सौभाग्य तथा पुत्र की दिर्घायु की कामना से माताए इसे श्रद्धा एव विश्वास के साथ करती है। शास्त्रो में उल्लेख है कि कलौ चंडी विनायको अर्थात् कलयुग में मां दुर्गा व भगवान गणेश शीघ्र प्रसन्न होकर श्रद्धालुओं की हर एक मनो कामना पूर्ण करती है। कलयुग में मां दुर्गा, श्रीगणेश का स्तुति करने मात्र से सारे संकट दूर हो जाते हैं। भगवान गणेश को बुद्धि का देवता भी कहा जाता है।
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भावसिंहपुर डूहिया निवासी आचार्य पंडित दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि काशी से प्रकाशित श्री महावीर पांचाग के अनुसार संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत सोमवार को है। सोमवार की रात 8 बज 48 बजे के पश्चात चन्द्र दर्शन हो होने पर महिलाएं विधिवत पूजन कर चंद्रमा को अर्घ्य देगी। बताया कि आज के दिन श्री गणेश जी की उत्पत्ति हुई थी। इसे तिल कुटी एवं व्रकतुण्ड चतुर्थी भी कहते हैं। अखंड सौभाग्य तथा पुत्र की दिर्घायु की कामना से माताए इसे श्रद्धा एव विश्वास के साथ करती है। शास्त्रो में उल्लेख है कि कलौ चंडी विनायको अर्थात् कलयुग में मां दुर्गा व भगवान गणेश शीघ्र प्रसन्न होकर श्रद्धालुओं की हर एक मनो कामना पूर्ण करती है। कलयुग में मां दुर्गा, श्रीगणेश का स्तुति करने मात्र से सारे संकट दूर हो जाते हैं। भगवान गणेश को बुद्धि का देवता भी कहा जाता है।
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