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राजकीय अस्पताल से लेकर निजी अस्पताल फुल
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भदोही। इन दिनों डेंगू के साथ-साथ मौसमी बुखार की वजह से भारी संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। अधिसंख्य लोग बिना जांच के ही बिना डिग्री के डॉक्टरों की शरण में जा रहे हैं। जिससे परेशानी कम होने के बजाए बढ़ रही है। राजकीय अस्पताल में जहां गरीब मजदूर दस्तक दे रहे हैं। वहीं निजी अस्पतालों में भी बेड खाली नहीं मिल रहे हैं। रोगों के बारे में कोई मच्छरों के प्रकोप को जिम्मेदार ठहरा रहा है तो कोई मौसमी बुखार को।
आमतौर पर हर वर्ष जब मौसम बदलने लगता है और गुलाबी ठंड दस्तक देती है तो लोग मौसमी बुखार से पीड़ित हो जाते हैं। इस बार कुछ अलग ही हालात हैं। देखा जा रहा हैं कि डेगू के प्रकोप से भी लोग पीड़ित हैं। मौसमी बुखार का यह आलम है कि लगभग हर घर के लोग बीमार पड़े हैं। सभी एक ही समस्या होने से दवा खाते हैं तो बुखार उतर जाता है और दवा का असर खत्म होते ही बुखार चढ़ जा रहा है। काजियाना मोहल्ले के शाहिद सिद्दीकी कहते हैं कि मच्छरों के प्रकोप का असर है। नगर पालिका छिड़काव नहीं करा रहा है। जबकि मौजूदा समय में हालात से निपटने के लिए केवल बुखार पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
निजी अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं। बहुत से लोगों के प्लेटलेट्स अत्यंत कम हो जा रहे हैं, लेकिन जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हो पा रही है। निजी चिकित्सक डॉ. पीयूष जायसवाल ने बताया कि मच्छरों से बचाव ही डेंगू से बचाव का रास्ता है। बुखार होने या निरंतर बुखार चढ़ते उतरने रहने पर तत्काल जांच करानी चाहिए। घर में कहीं पानी जमा हो तो उसे तत्काल हटा दें। डेंगू के लक्षणों पर चर्चा करते हुए बताया कि ठंड के साथ तेज बुखार आए, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द हो तो डाक्टर की सलाह लें। पेट और शरीर में दर्द होना भी इसके लक्षणों में शामिल हैं।
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आमतौर पर हर वर्ष जब मौसम बदलने लगता है और गुलाबी ठंड दस्तक देती है तो लोग मौसमी बुखार से पीड़ित हो जाते हैं। इस बार कुछ अलग ही हालात हैं। देखा जा रहा हैं कि डेगू के प्रकोप से भी लोग पीड़ित हैं। मौसमी बुखार का यह आलम है कि लगभग हर घर के लोग बीमार पड़े हैं। सभी एक ही समस्या होने से दवा खाते हैं तो बुखार उतर जाता है और दवा का असर खत्म होते ही बुखार चढ़ जा रहा है। काजियाना मोहल्ले के शाहिद सिद्दीकी कहते हैं कि मच्छरों के प्रकोप का असर है। नगर पालिका छिड़काव नहीं करा रहा है। जबकि मौजूदा समय में हालात से निपटने के लिए केवल बुखार पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
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निजी अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं। बहुत से लोगों के प्लेटलेट्स अत्यंत कम हो जा रहे हैं, लेकिन जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हो पा रही है। निजी चिकित्सक डॉ. पीयूष जायसवाल ने बताया कि मच्छरों से बचाव ही डेंगू से बचाव का रास्ता है। बुखार होने या निरंतर बुखार चढ़ते उतरने रहने पर तत्काल जांच करानी चाहिए। घर में कहीं पानी जमा हो तो उसे तत्काल हटा दें। डेंगू के लक्षणों पर चर्चा करते हुए बताया कि ठंड के साथ तेज बुखार आए, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द हो तो डाक्टर की सलाह लें। पेट और शरीर में दर्द होना भी इसके लक्षणों में शामिल हैं।
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