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चार दिन बाद निकली धूप,कीचड़ से नहीं मिली राहत
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ज्ञानपुर/सुरियावां। लगभग चार दिन बाद रविवार को धूप निकलने से राहत मिली लेकिन नाली के अभाव में रिहायशी कालोनियों को जोड़ने वाली समेत प्रमुख सड़कों पर भरा बारिश का पानी नहीं निकल सका। पानी के न निकलने से जहां आवागमन में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है वहीं बजबजा रही गंदगी से निकल रही दुर्गंध संक्रमित बीमारियों को बढ़ावा मिल रहा है। बावजूद इसके गांव की सरकार, नगर और जिला प्रशासन स्तर से कोई ऐसा कदम नहीं उठाया जा रहा है कि समस्याओं का समाधान हो सके।
गोपीगंज नगर की डॉक्टर कालोनी, ज्ञानपुररोड स्टेशन-केड़वरिया तिराहा, सूफीनगर-जंगीगंज स्टेशन मार्ग, सुरियावां-हरिहरपुर मार्ग, वार्ड नंबर एक अंबेडकर नगर मार्ग, डीघ के चंदापुर-मैलौना मार्ग की दुर्दशा सबकुछ बयां कर रही हैं। डाक्टर कालोनी गोपीगंज में रहने वाली कमला देवी, ऊषा देवी, अमृता सिंह, अमर सिंह, राजकुमार, विनोद आदि ने बताया कि लोग 10 वर्ष से जीवन-यापन कर रहे हैं लेकिन अभी तक नगर प्रशासन नाली का निर्माण नहीं करा सका है। हल्की बारिश होने पर जलजमाव, कई-कई दिनों तक कीचड़ का साम्राज्य कायम रहने से आवागमन मुश्किल बना रहता है। छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं, युवतियां घरों से निकलने में डरती हैं। स्थलीय निरीक्षण कर नाली का निर्माण जनहित में होगा।
इसी तरह हरिहरपुर-सुरियावां मार्ग से आने-जाने वाले दिनेशचंद, राजकुमार, प्रकाशचंद, विनोद कुमार, मूलचंद ने बताया कि मार्च 2021 में 37 लाख से बनी सड़क नाली और अतिक्रमण के चलते दम तोड़ रही है। गत माह से होने वाली बेमौसमी बारिश के कारण सड़क पर जमा रहने वाला पानी कब किसी अनहोनी का कारण बन जाती है कोई नहीं समझ सकता। यही स्थिति वार्ड नंबर एक अंबेडकर नगर मार्ग की है जो नगर की मुख्य मानी जाती है। बुद्ध विहार, कर्बला, साईं बाबा मंदिर सहित रेलवे स्टेशन, नगर पंचायत कार्यालय, वाराणसी-बाईपास मार्ग को जोड़ती है। हालत यह है कि जानलेवा बने गड्ढे और उखड़ी गिट्टियों के बीच गंदा पानी अनहोनी को बढ़ावा दे रहा है।
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नगरवासियों का मानना है कि 40 वर्ष में दर्जन भर से अधिक चेयरमैन, अधिशासी अधिकारी आए और गए लेकिन मार्गों की हालत सुधारने की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठ सका। समाजसेवी रोहित चौरसिया, उमाशंकर, सदन चौरसिया, सावन गुप्ता, रवि, महेंद्र हलवाई, मकबूल, गजाधर प्रसाद, राजनाथ, लालबहादुर, नसीम, भगौती प्रसाद, रमेश, विकास ने कहा कि मुख्यालय, विकास भवन, बीआरसी, पशुपालन, मत्स्य समेत कई अन्य विभागों में तैनात अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक भी इन्हीं बदहाल मार्गों से गुजरते हैं जिनका भी ध्यान नहीं पड़ रहा है। नगरवासी अब तक डीएम तक पहुंचने के लिए मजबूर होंगे।
अभोली ब्लॉक के रामनगर-बगही गांव में रविवार को युवाओं ने श्रमदान कर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को आइना दिखाने का काम किया। कहा कि एकजुटता में शक्ति होती है, वाद कर भूल जाने से किसी भी समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता। गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग जर्जर होकर कई वर्षों से बदहाल पड़ा है। तीन दिनों तक हुई झमाझम बारिश से पानी का जमाव और कीचड़ से आवागमन नहीं हो पा रहा था। सांसद, विधायक, डीएम, एसडीएम, तहसीलदार, ब्लाक प्रमुख, बीडीओ, ग्राम प्रधान, बीडीसी, रोजगार सेवक से बार-बार निर्माण की मांग की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। आवागमन की समस्या को देखकर राहुल सरोज की पहल पर लल्लू गौतम, पप्पू सरोज, राजेश सरोज, रमेश सिंह, राजेश सिंह, सत्येंद्र सिंह, समर बहादुर, अमरबहादुर गौतम, विवेक, कमलेश, मोनू यादव आदि ने श्रमदान कर मार्ग पर ईंट बिछाने में लग गए।
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गोपीगंज नगर की डॉक्टर कालोनी, ज्ञानपुररोड स्टेशन-केड़वरिया तिराहा, सूफीनगर-जंगीगंज स्टेशन मार्ग, सुरियावां-हरिहरपुर मार्ग, वार्ड नंबर एक अंबेडकर नगर मार्ग, डीघ के चंदापुर-मैलौना मार्ग की दुर्दशा सबकुछ बयां कर रही हैं। डाक्टर कालोनी गोपीगंज में रहने वाली कमला देवी, ऊषा देवी, अमृता सिंह, अमर सिंह, राजकुमार, विनोद आदि ने बताया कि लोग 10 वर्ष से जीवन-यापन कर रहे हैं लेकिन अभी तक नगर प्रशासन नाली का निर्माण नहीं करा सका है। हल्की बारिश होने पर जलजमाव, कई-कई दिनों तक कीचड़ का साम्राज्य कायम रहने से आवागमन मुश्किल बना रहता है। छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं, युवतियां घरों से निकलने में डरती हैं। स्थलीय निरीक्षण कर नाली का निर्माण जनहित में होगा।
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इसी तरह हरिहरपुर-सुरियावां मार्ग से आने-जाने वाले दिनेशचंद, राजकुमार, प्रकाशचंद, विनोद कुमार, मूलचंद ने बताया कि मार्च 2021 में 37 लाख से बनी सड़क नाली और अतिक्रमण के चलते दम तोड़ रही है। गत माह से होने वाली बेमौसमी बारिश के कारण सड़क पर जमा रहने वाला पानी कब किसी अनहोनी का कारण बन जाती है कोई नहीं समझ सकता। यही स्थिति वार्ड नंबर एक अंबेडकर नगर मार्ग की है जो नगर की मुख्य मानी जाती है। बुद्ध विहार, कर्बला, साईं बाबा मंदिर सहित रेलवे स्टेशन, नगर पंचायत कार्यालय, वाराणसी-बाईपास मार्ग को जोड़ती है। हालत यह है कि जानलेवा बने गड्ढे और उखड़ी गिट्टियों के बीच गंदा पानी अनहोनी को बढ़ावा दे रहा है।
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नगरवासियों का मानना है कि 40 वर्ष में दर्जन भर से अधिक चेयरमैन, अधिशासी अधिकारी आए और गए लेकिन मार्गों की हालत सुधारने की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठ सका। समाजसेवी रोहित चौरसिया, उमाशंकर, सदन चौरसिया, सावन गुप्ता, रवि, महेंद्र हलवाई, मकबूल, गजाधर प्रसाद, राजनाथ, लालबहादुर, नसीम, भगौती प्रसाद, रमेश, विकास ने कहा कि मुख्यालय, विकास भवन, बीआरसी, पशुपालन, मत्स्य समेत कई अन्य विभागों में तैनात अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक भी इन्हीं बदहाल मार्गों से गुजरते हैं जिनका भी ध्यान नहीं पड़ रहा है। नगरवासी अब तक डीएम तक पहुंचने के लिए मजबूर होंगे।
अभोली ब्लॉक के रामनगर-बगही गांव में रविवार को युवाओं ने श्रमदान कर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को आइना दिखाने का काम किया। कहा कि एकजुटता में शक्ति होती है, वाद कर भूल जाने से किसी भी समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता। गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग जर्जर होकर कई वर्षों से बदहाल पड़ा है। तीन दिनों तक हुई झमाझम बारिश से पानी का जमाव और कीचड़ से आवागमन नहीं हो पा रहा था। सांसद, विधायक, डीएम, एसडीएम, तहसीलदार, ब्लाक प्रमुख, बीडीओ, ग्राम प्रधान, बीडीसी, रोजगार सेवक से बार-बार निर्माण की मांग की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। आवागमन की समस्या को देखकर राहुल सरोज की पहल पर लल्लू गौतम, पप्पू सरोज, राजेश सरोज, रमेश सिंह, राजेश सिंह, सत्येंद्र सिंह, समर बहादुर, अमरबहादुर गौतम, विवेक, कमलेश, मोनू यादव आदि ने श्रमदान कर मार्ग पर ईंट बिछाने में लग गए।