{"_id":"577821154f1c1b4f4d79b96f","slug":"former-mla-eight-years-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व विधायक समेत दो को आठ साल कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व विधायक समेत दो को आठ साल कैद
bhadohi hindi news
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैंगेस्टर न्यायालय ने शनिवार को पूर्व विधायक उदयभान उर्फ डॉक्टर सिंह और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अकबाल बहादुर सिंह उर्फ अटकोटी को गैंगेस्टर एक्ट के तहत आठ साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 1999 में गोपीगंज में हुए तिहरे हत्याकांड में दोनों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में दोनों 2001-02 से फतेहगढ़ जेल में बंद हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अकबाल बहादुर सिंह टॉप फाइव अपराधी है। मुन्नी सिंह, दरोगा सिंह, डॉक्टर सिंह उसके गिरोह के सक्रिय सदस्य रहे हैं। उनके भय के चलते जनता पुलिस को सूचना नहीं देती। गिरोह के सदस्यों ने 1999 में जिला परिषद की ठेकेदारी लेने के लिए गोपीगंज तिराहे पर सरेशाम वकील शुक्ला के अलावा दो अन्य की हत्या कर दी थी। गिरोह ने 1994 में ज्ञानपुर के दुर्गागंज तिराहे के पास इंद्रजीत सिंह समेत तीन लोगों पर जानलेवा हमला किया था। गिरोह के सदस्यों ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को 1994 में उनके निवास पर बंधक बना लिया था। गिरोह ने 30 जनवरी 1995 को प्रेम प्रपंच में इंद्रजीत सिंह की हत्या कर दी थी। न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे की अदालत ने गिरोह बंद अधिनियम के तहत शनिवार को डॉक्टर सिंह को आठ साल का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना और अटकोटी को आठ साल सश्रम कारावास और 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अकबाल बहादुर सिंह टॉप फाइव अपराधी है। मुन्नी सिंह, दरोगा सिंह, डॉक्टर सिंह उसके गिरोह के सक्रिय सदस्य रहे हैं। उनके भय के चलते जनता पुलिस को सूचना नहीं देती। गिरोह के सदस्यों ने 1999 में जिला परिषद की ठेकेदारी लेने के लिए गोपीगंज तिराहे पर सरेशाम वकील शुक्ला के अलावा दो अन्य की हत्या कर दी थी। गिरोह ने 1994 में ज्ञानपुर के दुर्गागंज तिराहे के पास इंद्रजीत सिंह समेत तीन लोगों पर जानलेवा हमला किया था। गिरोह के सदस्यों ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को 1994 में उनके निवास पर बंधक बना लिया था। गिरोह ने 30 जनवरी 1995 को प्रेम प्रपंच में इंद्रजीत सिंह की हत्या कर दी थी। न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे की अदालत ने गिरोह बंद अधिनियम के तहत शनिवार को डॉक्टर सिंह को आठ साल का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना और अटकोटी को आठ साल सश्रम कारावास और 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन