फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Forgot to build the building of the burn unit, there are no doctors and no arrangements

बर्न यूनिट का भवन बनाकर भूले, डॉक्टर हैं न व्यवस्थाएं

Wed, 18 May 2022 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2022 11:30 PM IST
विज्ञापन
Forgot to build the building of the burn unit, there are no doctors and no arrangements
सरपतहां में 100 शैय्या अस्पताल के बर्न यूनिट की खराब होती दीवारें। - फोटो : BHADOHI
करीब 20 लाख की आबादी में अक्सर कहीं न कहीं किसी के झुलसने की सूचनाएं आती हैं। बावजूद इसके जिले में कहीं भी बर्न यूनिट नहीं है। यहां जब कोई घटना होती है तो मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद ही वाराणसी रेफर करना पड़ता है। काफी मांग के बाद किसी तरह से भवन तो बन गया, लेकिन न डॉक्टर हैं और न ही संसाधन। ऐसे में बर्न यूनिट का संचालन नहीं हो रहा है, फिर प्लास्टिक सर्जरी की बात तो दूर की है।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय के पास ही करोड़ रुपये की लागत से बने सौ शैय्या अस्पताल परिसर में ही एक भवन बर्न यूनिट के नाम पर बनाया गया है। इसपर लाखों रुपये की धनराशि खर्च की गई है। वर्ष 2014 में बने इस भवन को आज भी डॉक्टरों व अन्य संसाधनों का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्र बताते हैं कि जब कभी बात उठती है तो यहां संचालन की कवायद भी शुरू होती है, लेकिन फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। उधर, जब कोई झुलसता है तो उसे ज्ञानपुर के महाराज चेत सिंह अस्पताल या फिर भदोही के महाराज बलवंत सिंह अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। कुछ लोग तो प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचते जरूर हैं, लेकिन वहां न तो ढंग का उपचार मिलता है और न ही कोई और सुविधा। यानी कुल मिलाकर मरीजों की केवल जेब ढीली होती है।
विज्ञापन

यूनिट के संचालन के लिए चाहिए पर्याप्त संसाधन
बर्न यूनिट के संचालन के लिए सबसे पहले तो सर्जन चाहिए। प्लास्टिक सर्जरी के लिए भी यह जरूरी है। साथ ही नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ के साथ ही कक्ष में एसी के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं जरूरी हैं। झुलसने वाले मरीज काफी संवेदनशील होते हैं। इसलिए इसमें विशेष सतर्कता भी जरूरी है। सीएमएस डॉ. अनिरूद्ध सिंह ने बताया कि संचालन के लिए संसाधनों की जरूरत है। संसाधन उपलब्ध होते ही संचालन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

शुरू होने में कितना समय लगेगा हम निश्चित रूप से नहीं बता सकते हैं, शासन का जैसे ही निर्देश मिलेगा वैसे ही बर्न यूनिट शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. संतोष कुमार चक, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed