{"_id":"662a87e0f7f1b7d6aa0fe72d","slug":"financial-help-the-family-of-innocent-child-burnt-accident-in-bhadohi-2024-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: दुर्घटना में जली मासूम के परिजनों को आर्थिक मदद, DM ने सौंपा 10 हजार का चेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: दुर्घटना में जली मासूम के परिजनों को आर्थिक मदद, DM ने सौंपा 10 हजार का चेक
Thu, 25 Apr 2024 10:12 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 25 Apr 2024 10:12 PM IST
सार
Bhadohi News: जिलाधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि बच्ची के परिजनों से मिलकर 10 हजार की आर्थिक मदद की गई है। वहीं समुचित इलाज के लिए सीएमओ व सीएचसी अधीक्षक गोपीगंज को निर्देशित किया गया है।
विज्ञापन
मासूम बच्ची के साथ परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिलाधिकारी विशाल सिंह ने बीते तीन अप्रैल एक दुर्घटना में जली पांच वर्षीय अच्छु प्रजापति के परिजनों को गुरुवार की शाम आर्थिक मदद उपलब्ध कराई। जिलाधिकारी स्वयं सीएमओ डॉ. एसके चक के साथ बच्ची के घर पहुंच कर रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से 10 हजार रुपये का चेक सौंपा।
विज्ञापन
वहीं स्वास्थ्य टीम को बच्ची के निरंतर निगरानी और समुचित इलाज का निर्देश दिया। गोपीगंज कोतवाली के माधोरामपुर निवासी विनय प्रजापति की पांच वर्षीय बेटी अच्छु प्रजापति अपने मामा के यहां शादी में शामिल होने के लिए मिर्जापुर जिले के मझवा गई थी।
विज्ञापन
उनके मामा मनीष प्रजापति ने बताया कि तीन अप्रैल को बच्ची खेलते-खेलते घर के बगल में जल रहे कूड़ा-करकट की तरफ पहुंच गई और आग में फंस गई। उसकी चीख सुनकर दौड़े परिजनों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसके दोनों पैर बुरी तरह से झुलस गए थे।
विज्ञापन
परिजनों उसे तत्काल चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। उसके बाद परिजन उसे लेकर गोपीगंज चले आए। जहां एक निजी चिकित्सालय में उपचार किया गया।
इस बीच सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर विवेक मिश्रा नाम के यूजर्स ने बच्ची की फोटो पोस्ट करते हुए लोगों से मदद की गुहार लगाई। जिसे संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी विशाल सिंह बच्ची के आर्थिक मदद की पहल करते हुए रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से बच्ची के परिजनों को 10 हजार रुपये का चेक सौंपा और बच्ची के समुचित इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया।