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Bhadohi News: पचास राजकीय नलकूप हुए अनुपयोगी, ढ़ाई लाख किसानों की बढ़ेगी परेशानी
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ज्ञानपुर। जिले के किसानों की सिंचाई संकट बढ़ सकती है। नहर विभाग के सर्वे में 50 राजकीय नलकूपों को अनुपयोगी घोषित किया गया है। इससे लगभग ढाई लाख किसान प्रभावित होंगे। नहर विभाग अनुपयोगी हुए नलकूपों के पुर्ननिर्माण की कार्ययोजना तैयार कर रहा है। वैसे औराई ब्लॉक में पहले से ही स्वीकृत 10 नए नलकूप भूमि सीमांकन नहीं होने से अब तक बन नहीं सके हैं।
जिले में लघु एवं सीमांत किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए 517 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। पांच दशक पूर्व स्थापित नलकूपों से जुड़े लगभग आठ सौ किमी नहर, राजवाहा, माइनरों की सहायता से 70 फीसदी किसानों की जरूरतें पूरी होती होती हैं। वहीं 30 फीसद किसान निजी संसाधनों से सिंचाई करते हैं। समय के साथ नलकूपों की हालत खस्ता हो गई है। विभागीय अनदेखी के कारण तमाम नलकूपों में तकनीकी दिक्कतें सामने आने लगीं। ऐसे में किसानों की सिंचाई भी प्रभावित होने लगी। सिंचाई बंधु की बैठकों में इस समस्या पर चर्चा होती रही है। किसानों की समस्याओं को देखते हुए नहर विभाग की ओर से जिले के नलकूपों का सर्वे कराया गया। जहां लगभग 50 नलकूप अनुपयोगी हो गए हैं।
अधिशासी अभियंता नलकूप-सिंचाई राजेश भारतीय ने बताया कि पांच दशक से सिंचाई व्यवस्था का भार उठाये नलकूप के उपकरण काफी पुराने हो चुके हैं। इस वर्ष तहसील सदर, औराई, भदोही के 50 नलकूप अनपयोगी हो गए हैं। इन नलकूपों को फिर से चालू करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। यह सभी नलकूप 10 वर्ष से नहीं चल रहे थे। स्वीकृति मिलते ही नये स्थानों पर नलकूप स्थापित किये जाएंगे। वहीं औराई ब्लॉक में स्वीकृत 10 नए नलकूपों को लेकर बताया कि नलकूपों की स्थापना के लिए भूमि का सीमांकन नहीं हो पा रहा है। जिससे मामला अटका हुआ है।
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ज्ञानपुर। खराब हुए नलकूपों के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। शासन-प्रशासन नई स्वीकृति लेकर नये नलकूपों की स्थापना कराने में तेजी दिखाने पर ही किसानों की समस्या दूर होगी। भदोही तहसील के कुढवां निवासी बाबा पाठक, पूर्णमांसी गौतम, विवेक पाठक, सुनील सिंह ने बताया कि गांव में लगभग 10 वर्ष से राजकीय नलकूप खराब है। डीघ ब्लाक के शिवनाथपटटी निवासी रमाशंकर, जयशंकर, खदेरु तिवारी, ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि सात वर्ष से राजकीय नलकूप के नहीं चलने से तमाम उपकरण इधर-उधर हो गए हैं।
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जिले में लघु एवं सीमांत किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए 517 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। पांच दशक पूर्व स्थापित नलकूपों से जुड़े लगभग आठ सौ किमी नहर, राजवाहा, माइनरों की सहायता से 70 फीसदी किसानों की जरूरतें पूरी होती होती हैं। वहीं 30 फीसद किसान निजी संसाधनों से सिंचाई करते हैं। समय के साथ नलकूपों की हालत खस्ता हो गई है। विभागीय अनदेखी के कारण तमाम नलकूपों में तकनीकी दिक्कतें सामने आने लगीं। ऐसे में किसानों की सिंचाई भी प्रभावित होने लगी। सिंचाई बंधु की बैठकों में इस समस्या पर चर्चा होती रही है। किसानों की समस्याओं को देखते हुए नहर विभाग की ओर से जिले के नलकूपों का सर्वे कराया गया। जहां लगभग 50 नलकूप अनुपयोगी हो गए हैं।
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अधिशासी अभियंता नलकूप-सिंचाई राजेश भारतीय ने बताया कि पांच दशक से सिंचाई व्यवस्था का भार उठाये नलकूप के उपकरण काफी पुराने हो चुके हैं। इस वर्ष तहसील सदर, औराई, भदोही के 50 नलकूप अनपयोगी हो गए हैं। इन नलकूपों को फिर से चालू करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। यह सभी नलकूप 10 वर्ष से नहीं चल रहे थे। स्वीकृति मिलते ही नये स्थानों पर नलकूप स्थापित किये जाएंगे। वहीं औराई ब्लॉक में स्वीकृत 10 नए नलकूपों को लेकर बताया कि नलकूपों की स्थापना के लिए भूमि का सीमांकन नहीं हो पा रहा है। जिससे मामला अटका हुआ है।
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ज्ञानपुर। खराब हुए नलकूपों के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। शासन-प्रशासन नई स्वीकृति लेकर नये नलकूपों की स्थापना कराने में तेजी दिखाने पर ही किसानों की समस्या दूर होगी। भदोही तहसील के कुढवां निवासी बाबा पाठक, पूर्णमांसी गौतम, विवेक पाठक, सुनील सिंह ने बताया कि गांव में लगभग 10 वर्ष से राजकीय नलकूप खराब है। डीघ ब्लाक के शिवनाथपटटी निवासी रमाशंकर, जयशंकर, खदेरु तिवारी, ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि सात वर्ष से राजकीय नलकूप के नहीं चलने से तमाम उपकरण इधर-उधर हो गए हैं।