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Bhadohi News: उर्द-मूंग की हल्की सिंचाई करें किसान
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ज्ञानपुर। जिले के तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। गर्मी का असर फसलों पर भी पड़ने लगा है। जिले में किसानों का एक तबका उर्दू, मूंग की खेती करता है। इस मौसम में उसमें फरी आने लगती है। अगर पर्याप्त सिंचाई नहीं होती है तो फसलों का विकास प्रभावित होता है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक फसलों को बचाने के लिए किसानों को फसल की समय समय पर हल्की सिंचाई चाहिए। खेतों में अगर ज्यादा पानी डाल दिया जाएगा तो तेज धूप होने के कारण गर्म हो जाएगा। यह फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। किसान विशेष ध्यान रखें कि फसल की सिंचाई शाम के वक्त करें। पहली सिंचाई करने के बाद निराई-गोड़ाई करने से खरपतवार नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही भूमि में वायु का संचार होने लगता है, जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन एकत्रित करने में सहायक होता है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि उर्द-मूंग की फसल इस समय ग्रोथ कर रही है। इसके बाद फरी आने लगती है। इनदिनों सिंचाई अत्यंत आवश्यक है। शाम के वक्त हल्की करनी चाहिए, ताकि खेत में नमी बनी रहे।
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कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक फसलों को बचाने के लिए किसानों को फसल की समय समय पर हल्की सिंचाई चाहिए। खेतों में अगर ज्यादा पानी डाल दिया जाएगा तो तेज धूप होने के कारण गर्म हो जाएगा। यह फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। किसान विशेष ध्यान रखें कि फसल की सिंचाई शाम के वक्त करें। पहली सिंचाई करने के बाद निराई-गोड़ाई करने से खरपतवार नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही भूमि में वायु का संचार होने लगता है, जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन एकत्रित करने में सहायक होता है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि उर्द-मूंग की फसल इस समय ग्रोथ कर रही है। इसके बाद फरी आने लगती है। इनदिनों सिंचाई अत्यंत आवश्यक है। शाम के वक्त हल्की करनी चाहिए, ताकि खेत में नमी बनी रहे।
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