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Bhadohi News: सूचना न देना सेवा में कमी नहीं, परिवाद किया खारिज
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सूचना के अधिकार अधिनियम से संबंधित मामले में दायर उपभोक्ता परिवाद को खारिज कर दिया है। यह निर्णय आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे एवं सदस्यों ने पारित किया है।
परिवादी कमलेश गुप्ता निवासी वेदपुर ने परिवाद दायर किया। इसमें सचिव, डीपीआरओ और बीडीओ को पार्टी बनाया।
परिवादी का आरोप था कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। सूचना प्राप्त करने के लिए 4500 रुपये जमा कराने के बावजूद जानकारी नहीं दी गई, जिससे उन्हें मानसिक एवं आर्थिक क्षति हुई। मामले की सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष ने तर्क दिया कि सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आरटीआई अधिनियम के तहत आती है।
इसके लिए पृथक अपीलीय व्यवस्था निर्धारित है। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उपलब्ध वैधानिक उपायों के रहते इसे उपभोक्ता सेवा में कमी नहीं माना जा सकता।
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आयोग ने स्पष्ट किया कि विपक्षियों की ओर से परिवादी को दी जाने वाली सेवा में किसी प्रकार की कमी सिद्ध नहीं हुई। इसी आधार पर आयोग ने परिवाद को खारिज कर दिया।
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परिवादी कमलेश गुप्ता निवासी वेदपुर ने परिवाद दायर किया। इसमें सचिव, डीपीआरओ और बीडीओ को पार्टी बनाया।
परिवादी का आरोप था कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। सूचना प्राप्त करने के लिए 4500 रुपये जमा कराने के बावजूद जानकारी नहीं दी गई, जिससे उन्हें मानसिक एवं आर्थिक क्षति हुई। मामले की सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष ने तर्क दिया कि सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आरटीआई अधिनियम के तहत आती है।
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इसके लिए पृथक अपीलीय व्यवस्था निर्धारित है। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत उपलब्ध वैधानिक उपायों के रहते इसे उपभोक्ता सेवा में कमी नहीं माना जा सकता।
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आयोग ने स्पष्ट किया कि विपक्षियों की ओर से परिवादी को दी जाने वाली सेवा में किसी प्रकार की कमी सिद्ध नहीं हुई। इसी आधार पर आयोग ने परिवाद को खारिज कर दिया।