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Bhadohi News: गोपीगंज फ्लाईओवर के तीन पिलर की जॉइंट एक्सपेंशन खराब
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गोपीगंज फ्लाई ओवर के जॉइंट एक्सपेंशन में काम होने से लगा बैरियर। संवाद
लालानगर (भदोही)। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के गोपीगंज फ्लाईओवर के जॉइंट एक्सपेंशन में एक बार फिर से खराबी आ गई है। इससे इसकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। आठ अक्तूबर से चल रही मरम्मत करीब 22 अक्तूबर तक चलेगी। इस बीच करीब पांच किमी तक हाईवे सिंगल लेन कर दिया गया है। त्योहारी सीजन के बीच पांच किमी तक एक लेन पर वाहनों का दबाव बढ़ने से दुर्घटना की आशंका बढ़ी है।
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के राजातालाब-हंडिया खंड के 83 किमी में तीन बड़े फ्लाईओवर हैं। इसमें हंडिया करीब 3.5 किमी, गोपीगंज 2.5 किमी और मिर्जामुराज फ्लाईओवर भी 2.5 किमी का है। हर साल इन बड़े फ्लाईओवर के जॉइंट एक्सपेंशन में तकनीकी खराबी आती है। इससे हाईवे की रखरखाव करने वाली संस्था दुरुस्त कराती है। इन दिनों गोपीगंज फ्लाईओवर के तीन जॉइंट एक्सपेंशन में तकनीकी दिक्कत आई है। इसके बाद हाईवे की रखरखाव करने वाली कार्यदायी संस्था इसकी मरम्मत करा रही है। इससे कौलापुर ओवरब्रिज से अमवा ओवरब्रिज पर दक्षिणी लेन से वाहनों का आवागमन किया जा रहा है। इस बीच पांच किमी के दायरे तक एक ही लेन से वाहनों का आवागमन हो रहा है। इससे वाहनों का दबाव भी बढ़ा है। इन दिनों त्योहारों का समय चल रहा है। वहीं नवरात्र की वजह से बड़ी संख्या में लोग मां विंध्यवासिनी धाम जाने के लिए इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं। हाईवे की रखरखाव करने वाली कार्यदायी संस्था के इंजीनियर शेषनाथ यादव ने बताया कि तीन एक्सपेंशन में खराबी है। इसके लिए 22 अक्तूबर तक एक लेन पर वाहनों का आवागमन किया जा रहा है। इसके बाद दक्षिणी लेन के भी कुछ जॉइंट एक्सपेंशन में खराबी है। उसे भी दुरुस्त किया जाएगा।
2018 से पहले के पिलर के एक्सपेंशन में आई खराबी
एनएचएआई के आरई सधन राजपुरोहित ने बताया कि फ्लाईओवर के दोनों तरफ मिलाकर 10 सेट यानी 20 एक्सपेंशन जॉइंट आ रहे हैं। अभी मौके पर तीन एक्सपेंशन जॉइंट में तकनीकी खराबी आने के कारण यातायात को बंद कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था द्वारा इसे बनाया जा रहा है। एक जॉइंट बनाने में लगभग 15 से 20 लाख रुपए की अनुमानित खर्च आता है। जिन तीन पिलर में खराबी आई है, वह 2018 के पहले की पुराने हैं। अभी नई तकनीक के एक्सपेंशन जॉइंट उपकरण आने से इसकी क्षमता पुराने से अधिक और बेहतर रहेगी।
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एक लेन होने से हादसे भी, सात दिन में आठ लोग घायल
करीब पांच किमी तक एक लेन पर ही वाहनों का आवागमन होने से दुर्घटना की आशंका भी बढ़ी है। दो सप्ताह में दो बड़ी दुर्घटना हो चुकी हैं। छह दिन पहले गिराई स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाईवे मरम्मत के लिए किए गए डायवर्जन के बीच पांच वाहन टकरा गए। हादसे में ऑटो चालक समेत सात लोग घायल हो गए। इसी तरह बुधवार की रात झिलिया पुल के पास ओवरटेक कर रही ए कार को बचाने के प्रयास में भैंस लदे डीसीएम की टेलर से भिड़ंत हो गई। हादसे के दौरान पीछे से आ रहा दूसरा भैंस लदा डीसीएम भी टकरा गया। इसमें एक डीसीएम चालक इटावा के सैफई में लारमपुर निवासी महेश (39) घायल हो गया। इससे टेलर के डीजल भी सड़क पर बह गया। कोतवाल सच्चिदानंद पांडेय ने बताया कि दुर्घटना के बाद वाहनों को हटाया गया और फैले डीजल पर पानी डलवाने के बाद यातायात सुचारु कराया गया।
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वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के राजातालाब-हंडिया खंड के 83 किमी में तीन बड़े फ्लाईओवर हैं। इसमें हंडिया करीब 3.5 किमी, गोपीगंज 2.5 किमी और मिर्जामुराज फ्लाईओवर भी 2.5 किमी का है। हर साल इन बड़े फ्लाईओवर के जॉइंट एक्सपेंशन में तकनीकी खराबी आती है। इससे हाईवे की रखरखाव करने वाली संस्था दुरुस्त कराती है। इन दिनों गोपीगंज फ्लाईओवर के तीन जॉइंट एक्सपेंशन में तकनीकी दिक्कत आई है। इसके बाद हाईवे की रखरखाव करने वाली कार्यदायी संस्था इसकी मरम्मत करा रही है। इससे कौलापुर ओवरब्रिज से अमवा ओवरब्रिज पर दक्षिणी लेन से वाहनों का आवागमन किया जा रहा है। इस बीच पांच किमी के दायरे तक एक ही लेन से वाहनों का आवागमन हो रहा है। इससे वाहनों का दबाव भी बढ़ा है। इन दिनों त्योहारों का समय चल रहा है। वहीं नवरात्र की वजह से बड़ी संख्या में लोग मां विंध्यवासिनी धाम जाने के लिए इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं। हाईवे की रखरखाव करने वाली कार्यदायी संस्था के इंजीनियर शेषनाथ यादव ने बताया कि तीन एक्सपेंशन में खराबी है। इसके लिए 22 अक्तूबर तक एक लेन पर वाहनों का आवागमन किया जा रहा है। इसके बाद दक्षिणी लेन के भी कुछ जॉइंट एक्सपेंशन में खराबी है। उसे भी दुरुस्त किया जाएगा।
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2018 से पहले के पिलर के एक्सपेंशन में आई खराबी
एनएचएआई के आरई सधन राजपुरोहित ने बताया कि फ्लाईओवर के दोनों तरफ मिलाकर 10 सेट यानी 20 एक्सपेंशन जॉइंट आ रहे हैं। अभी मौके पर तीन एक्सपेंशन जॉइंट में तकनीकी खराबी आने के कारण यातायात को बंद कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था द्वारा इसे बनाया जा रहा है। एक जॉइंट बनाने में लगभग 15 से 20 लाख रुपए की अनुमानित खर्च आता है। जिन तीन पिलर में खराबी आई है, वह 2018 के पहले की पुराने हैं। अभी नई तकनीक के एक्सपेंशन जॉइंट उपकरण आने से इसकी क्षमता पुराने से अधिक और बेहतर रहेगी।
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एक लेन होने से हादसे भी, सात दिन में आठ लोग घायल
करीब पांच किमी तक एक लेन पर ही वाहनों का आवागमन होने से दुर्घटना की आशंका भी बढ़ी है। दो सप्ताह में दो बड़ी दुर्घटना हो चुकी हैं। छह दिन पहले गिराई स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाईवे मरम्मत के लिए किए गए डायवर्जन के बीच पांच वाहन टकरा गए। हादसे में ऑटो चालक समेत सात लोग घायल हो गए। इसी तरह बुधवार की रात झिलिया पुल के पास ओवरटेक कर रही ए कार को बचाने के प्रयास में भैंस लदे डीसीएम की टेलर से भिड़ंत हो गई। हादसे के दौरान पीछे से आ रहा दूसरा भैंस लदा डीसीएम भी टकरा गया। इसमें एक डीसीएम चालक इटावा के सैफई में लारमपुर निवासी महेश (39) घायल हो गया। इससे टेलर के डीजल भी सड़क पर बह गया। कोतवाल सच्चिदानंद पांडेय ने बताया कि दुर्घटना के बाद वाहनों को हटाया गया और फैले डीजल पर पानी डलवाने के बाद यातायात सुचारु कराया गया।

गोपीगंज फ्लाई ओवर के जॉइंट एक्सपेंशन में काम होने से लगा बैरियर। संवाद