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‘सरल एप’ से बच्चों की शैक्षिक दक्षता का मूल्यांकन
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ज्ञानपुर। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शैक्षिक दक्षता का अब सरल एप से मूल्यांकन होगा। इसके लिए 15 नवंबर के बाद निपुण एसेसमेंट टेस्ट (नेट) कराया जाएगा। 30 नवंबर को दक्षता का आकलन होगा। पहली बार नौनिहाल ओएमआर शीट पर परीक्षा देंगे। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तैयारी तेज हो गई है। डायट में इसका प्रश्नपत्र तैयार किया जा रहा है। इसमें दो लाख से अधिक बच्चे शामिल होंगे।
अभी तक परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शैक्षिक दक्षता का आकलन अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा के माध्यम से वर्ष में दो बार करने की व्यवस्था है। परीक्षा के बाद बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं एकत्र कर ब्लाक संसाधन केंद्र पर भेजी जाती हैं। वहां मूल्यांकन होता है। इसके बाद बच्चों के रिजल्ट की डाटा फीडिंग होती है। इन परीक्षाओं के आयोजन में काफी समय लगता है। बच्चों के सीखने समझने के स्तर का मूल्यांकन अब एसेसमेंट टेस्ट के जरिए हर 15 दिन में करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग योजना को मूर्तरूप देने में जुट गया है।
इस काम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित सरल मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा। इससे परिषदीय स्कूलों के छात्रों की शैक्षिक दक्षता अब रियल टाइम में परखी जा सकेगी। इसमें जिले के 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा विद्यालय के पहली से आठवीं तक के दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। जिला समन्वयक सौरभ सिंह ने बताया कि इस बार तिमाही और छमाही परीक्षा के बजाए निपुण एसेसमेंट टेस्ट कराया जाएगा, जो ओएमआर शीट पर होगा।
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छात्रों से बहु विकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। परिणाम भी तुरंत पता चल जाएगा। परीक्षा में कक्षा एक से आठ तक के बच्चे शामिल होंगे। 15 नवंबर के बाद टेस्ट होगा। परीक्षा खत्म होने के बाद ओएमआर शीट को सरल एप पर अपलोड करना होगा। इसके लिए शिक्षकों को एप के जरिए अपने स्मार्टफोन से ओएमआर शीट को स्कैन करना होगा। एप स्कैन कर तुरंत बता देगा कि छात्र के कितने प्रश्न सही हैं और कितने गलत। सभी छात्रों का असेसमेंट तुरंत हो जाएगा। उन्होंने बताया कि कक्षा एक से तीन तक का निपुण लक्ष्य के आधार पर और चार से आठ तक लर्निंग आउटक्रम के आधार पर आकलन होगा। उन्होंने बताया कि कक्षावार और विषयवार प्रश्नपत्र बनाए जा रहे हैं। निदेशालय की ओर से 30 नवंबर को आकलन की तिथि तय की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान में विशेषज्ञों की ओर से प्रश्नपत्र तैयार किया जा रहा है।
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अभी तक परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शैक्षिक दक्षता का आकलन अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा के माध्यम से वर्ष में दो बार करने की व्यवस्था है। परीक्षा के बाद बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं एकत्र कर ब्लाक संसाधन केंद्र पर भेजी जाती हैं। वहां मूल्यांकन होता है। इसके बाद बच्चों के रिजल्ट की डाटा फीडिंग होती है। इन परीक्षाओं के आयोजन में काफी समय लगता है। बच्चों के सीखने समझने के स्तर का मूल्यांकन अब एसेसमेंट टेस्ट के जरिए हर 15 दिन में करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग योजना को मूर्तरूप देने में जुट गया है।
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इस काम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित सरल मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा। इससे परिषदीय स्कूलों के छात्रों की शैक्षिक दक्षता अब रियल टाइम में परखी जा सकेगी। इसमें जिले के 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा विद्यालय के पहली से आठवीं तक के दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। जिला समन्वयक सौरभ सिंह ने बताया कि इस बार तिमाही और छमाही परीक्षा के बजाए निपुण एसेसमेंट टेस्ट कराया जाएगा, जो ओएमआर शीट पर होगा।
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छात्रों से बहु विकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। परिणाम भी तुरंत पता चल जाएगा। परीक्षा में कक्षा एक से आठ तक के बच्चे शामिल होंगे। 15 नवंबर के बाद टेस्ट होगा। परीक्षा खत्म होने के बाद ओएमआर शीट को सरल एप पर अपलोड करना होगा। इसके लिए शिक्षकों को एप के जरिए अपने स्मार्टफोन से ओएमआर शीट को स्कैन करना होगा। एप स्कैन कर तुरंत बता देगा कि छात्र के कितने प्रश्न सही हैं और कितने गलत। सभी छात्रों का असेसमेंट तुरंत हो जाएगा। उन्होंने बताया कि कक्षा एक से तीन तक का निपुण लक्ष्य के आधार पर और चार से आठ तक लर्निंग आउटक्रम के आधार पर आकलन होगा। उन्होंने बताया कि कक्षावार और विषयवार प्रश्नपत्र बनाए जा रहे हैं। निदेशालय की ओर से 30 नवंबर को आकलन की तिथि तय की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान में विशेषज्ञों की ओर से प्रश्नपत्र तैयार किया जा रहा है।